मलेशिया में फंसे झारखंड के 30 मजदूरों में से 22 की वतन वापसी हो गई है। जबकि, अन्य आठ को सुरक्षित घर लाने की प्रक्रिया जारी है। यह सभी मजदूर गिरिडीह, हजारबाग और बोकारों जिलों के रहने वाले हैं।
झारखंड सरकार ने एक बयान में कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर मलेशिया में फंसे 30 मजूदरों में से 22 मजदूरों को झारखंड वापस लाया गया है। बाकि आठ मजदूरों को भी जल्द ही उनके घर तक पहुंचा दिया जाएगा।
बता दें कि झारखंड के श्रम विभाग द्वारा मजदूरों के विवरण के साथ ईमेल भेजे जाने के बाद मलेशियाई पुलिस ने उस देश में भारतीय उच्चायोग के अनुरोध पर हस्तक्षेप किया। राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष के एक अधिकारी ने बताया कि इन 22 मजदूरों को 19.87 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका है।
दो साल पहले गए थे मजदूर मलेशिया
सोशल मीडिया के जरिए राज्य सरकार से उनकी सुरक्षित वापसी की अपील की थी। श्रमिक 30 जनवरी, 2019 से एक इंजीनियरिंग और निर्माण कंपनी के साथ लाइनमैन के रूप में काम करने गए थे और उनका अनुबंध 30 सितंबर, 2021 को समाप्त हो गया था।
काम कराया भुगतान नहीं दिया
बयान में कहा गया है कि श्रमिकों को फर्म द्वारा जनवरी 2022 तक अनुबंध के बिना काम पर लगाया गया था और उन्हें कोई भुगतान नहीं किया गया था। मलेशियाई पुलिस को मलेशिया में भारतीय उच्चायोग के अनुरोध पर हस्तक्षेप करना पड़ा, जिसने राज्य के श्रम विभाग द्वारा भेजे गए ईमेल पर कार्रवाई की।