दोमाना। कार्तिक पूर्णिमा पर बाबा जित्तो और बुआ कौड़ी के दरबार में आस्था का सैलाब उमड़ा रहा। इस दौरान प्रदेश सहित अन्य राज्यों के करीब 20 हजार भक्तों ने पवित्र तालाब में डुबकी लगा कर व दरबार में नतमस्तक होकर सुख-समृद्धि और कोरोना के खात्मे की कामना की। वहीं, परिसर में मौजूद देव स्थानों में विभिन्न बिरादरियों की मेल का भी आयोजन किया गया, जहां खिचड़ी का प्रसाद वितरित किया गया। इस अवसर पर पंजाब राज्य के वन विभाग के कैबिनेट मंत्री संगत सिंह ने परिवार सहित पहुंच झिड़ी में शीश नवाया है।
कोरोना महामारी के कारण जहां इस बार भी प्रशासन की ओर से उत्तर भारत के प्रसिद्ध झिड़ी मेले की अनुमति नहीं मिली है, लेकिन फिर भी दिनभर श्रद्धालुओं का काफी मात्रा में दिनभर आना जारी रहा है। इस दौरान कोविड नियमों की भी जमकर धज्जियां उड़ती रही। कार्तिक पूर्णिमा पर जम्मू से 20 किलोमीटर दूर स्थित झिड़ी गांव में बाबा जित्तो और बुआ कौड़ी के दर पर हजारों भक्तों ने पहुंच कर शीश नवाया है। मेला स्थल पर छोटी-मोटी दुकानें सजी थीं। इस बार न तो झिड़ी में दंगल का आयोजन हुआ और न ही मंदिर परिसर में लंगर लगाया गया। मंदिर के महंत योगेश ने बताया कि कार्तिक पूर्णिमा पर सुबह की पूजा छह और शाम की सात बजे की गई। श्रद्धालुओं ने बाबा जित्तो तालाब में डुबकी लगाने के साथ शकर भी निकाली।
प्रदेश में आने के लिए लखनपुर में हो रही परेशानी
पंजाब के जालंधर से आए श्रद्धालुओं ने कहा कि उन्हें पता था कि इस बार मेला नहीं है, इसलिए खाना साथ ही लेकर आए थे। परिवार सहित बाबा जित्तो और बुआ दाती के दर्शन करने पहुंचे गुलशन कुमार ने बताया कि 18 नवंबर को जालंधर से अपनी गाड़ी में निकले थे। लखनपुर में अभी भी अन्य राज्यों से आने वाले लोगों को परेशानी हो रही है। बिना कोविड जांच के प्रवेश नहीं मिल रहा है। तिलक राज ने कहा कि कोरोना महामारी का डर तो है, लेकिन बाबा जी का आशीर्वाद और जागरूकता से बच सकते हैं।
तालाब में स्नान और कतारों में उड़ी नियमों की धज्जियां
झिड़ी स्थित बाबा तालाब में काफी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हुई। तालाब में स्नान के दौरान सामाजिक दूरी के नियमों का पालन भी नहीं हुआ। कई श्रद्धालु बिना मास के पहुंचे थे। हालांकि बाबा जित्तो के दरबार में लोगों को मास्क और सैनिटाइजर की सुविधा उपलब्ध कराई गई। लेकिन कतार में खड़े श्रद्धालुओं के बीच सामाजिक दूरी के नियमों का पालन नहीं किया गया। उधर, पुलिस प्रशासन इस दौरान भीड़ को नियंत्रित करने में लगा रहा। इस मौके पर एसपी ग्रामीण संजय शर्मा, एसडीएम नसीर अली, एसडीपीओ दोमाना सुनील सिंह, तहसीलदार रामपाल शर्मा, कानाचक थाना प्रभारी विश्व प्रताप सिंह आदि मौजूद रहे।
हृदय गति रुकने से श्रद्धालु की मौत
सुबह पांच बजे बाबा तालाब में स्नान करने गए एक बुजुर्ग व्यक्ति की हृदय गति रुकने से मौत हो गई। उसकी पहचान सुरेंद्र कुमार (75) पुत्र शिव धरण निवासी अमृतसर (पंजाब) के रूप में हुई है। वह तालाब पर बने यात्री शौचालय में गए थे, जहां पर चक्कर आने से वह गिर गए। इसके बाद उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। बताया जा रहा है कि उन्हें हार्ट अटैक हुआ था। कानाचक पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जीएमसी पहुंचाया है।