अलगाववादियों के कैलेंडर तथा बंद से आम कश्मीरी ऊब चुका है। अब उनके आदेशों की नाफरमानी शुरू हो गई है। अलगाववादियों के बंद की परवाह न करते अब आम कश्मीरी सामान्य कामकाज में जुट गया है।
पांच महीनों से कश्मीर हिंसा की आग में जल रहा था। पर अब अवाम और खासकर युवाओं ने अलगाववादियों की नीतियों का विरोध करना शुरू कर दिया है। घाटी में सेना द्वारा भी माहौल को सामान्य बनाने की पुरजोर कोशिश की जा रही है।
यही वजह है कि डल झील किनारे शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कांफ्रेंस सेंटर (एसकेआईसीसी) में आयोजित यूथ मेले में युवाओं का हुजूम उमड़ा। चार हजार से अधिक युवा इसमें शामिल हुए, जिसमें युवतियों और महिलाओं की भी खासी भागीदारी रही। महिला कलाकारों ने कई प्रस्तुतियां भी दीं।
आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन की पाश्चात्य परंपरा से दूर रहने की धमकी की परवाह न करते हुए युवक-युवतियां फिल्मी गीतों पर जमकर झूमे। यूथ मेला में युवाओं ने अपनी प्रतिभाओं का प्रदर्शन किया। पेटिंग, गायन, वाद्य यंत्र वादन के साथ ही डांस में भी अपना हुनर दिखाया।