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अमृतधारी युवक पर हमला, पीजीआई रेफर

Sat, 09 Aug 2014 12:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/कुरुक्षेत्र, शाहाबाद
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एक सिख युवक घुमानिया मोहल्ले में बेहोशी की हालत में पड़ा मिला। गुरु तेग बहादुर सेवक सभा के पदाधिकारी ने ठेकेदार की मदद से उसे स्वास्थ्य सामुदायिक केंद्र पहुंचाया।
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प्राथमिक उपचार के बाद घायल को पीजीआई रेफर कर दिया गया। घटना को लेकर सिख समुदाय में रोष है। पुलिस ने पीड़ित परिवार की शिकायत पर केस दर्ज करके कार्रवाई शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार गुरु तेगबहादुर सेवक सभा के प्रधान बलिहार सिंह और ठेकेदार सुखबीर सिंह बुधवार शाम को घुमानिया मोहल्ले से जब निकल रहे थे।

इस बीच उन्होंने गली में खून से लथपथ बेहोशी की हालत में एक सिख युवक को देखा। जब उन्होंने मामला जानना चाहा तो पता चला कि 6-7 गुंडा तत्वों ने चाकू व अन्य तेजधार हथियारों से युवक पर हमला कर उसे अधमरा कर दिया।
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बलिहार सिंह व सुखबीर सिंह युवक को उठाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाने लगे। इसी दौरान वहां पहुंचे यादविंदर सिंह ने घायल को पहचान लिया और बताया कि यह उसका भाई गुरपाल सिंह पुत्र बलविंदर सिंह है।

उनका परिवार ठसकाअली में रहता है। यादविंदर ने बताया कि गुरपाल उसे ट्यूशन से वापस घर ले जाने के लिए आया था।

वे जब घायल को लेकर अस्पताल पहुंचे तो चिकित्सकों ने बताया कि इसके शरीर से 70 प्रतिशत खून बह चुका है। प्राथमिक उपचार के बाद उसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया।

पुलिस वारदात की छानबीन में जुट गई है। समाचार लिखे जाने तक घायल सिख युवक सेक्टर-32 के सरकारी अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहा है।

मामले की गहनता से हो रही है जांच
शाहाबाद पुलिस स्टेशन प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि वे मामले की गहनता से जांच कर रहे हैं। उन्होंने घायल गुरपाल सिंह के भाई यादविंदर सिंह की शिकायत पर 6-7 अज्ञात युवकों के खिलाफ भादसं की धारा 148, 149, 341, 323, 324 व 506 के तहत केस दर्ज करके छानबीन शुरू कर दी है।

जांच में शाहाबाद निवासी जतिन खुराना और कसेरला निवासी भूरा की आरोपियों के रूप में पहचान हो चुकी है, जबकि कुछ युवक निकटवर्ती गांव त्योड़ा निवासी बताए जा रहे हैं, जिनके बारे में जांच जारी है। शीघ्र ही आरोपी काबू कर लिए जाएंगे।

कार्रवाई न हुई तो आंदोलन : खालसा
देश की विभिन्न जेलों में बंद सजा भुगत चुके सिख कैदियों की रिहाई के लिए प्रयत्नशील भाई गुरबख्श सिंह खालसा ने इस घटना की सख्त शब्दों में निंदा करते हुए कहा है कि सरेआम एक अमृतधारी सिख युवक पर असामाजिक तत्वों ने हमला किया।

आस-पड़ोस के किसी व्यक्ति ने उसे हमलावरों से बचाने का प्रयास तक नहीं किया। उन्होंने चेताया कि अगर पुलिस ने आरोपी युवकों की पहचान कर शीघ्र सलाखों के पीछे न भेजा तो वह आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
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