सामान्य प्रशासन विभाग और राज्य सरकार की ओर से दायर दो आवेदनों को हाईकोर्ट की खंडपीठ ने खारिज कर दिया। इसमें अदालत से आग्रह किया गया था कि इस संबंध में दायर याचिका में शामिल न होने वाले अफसरों को सेलेक्शन ग्रेड का पे स्केल और स्पेशल स्केल जारी करने दिया जाए।
चीफ जस्टिस एमएम कुमार और जस्टिस धीरज सिंह ठाकुर की खंडपीठ ने सीनियर एएजी गगन बसोत्रा की दलीलें सुनने के बाद पाया कि जेएंडके प्रशासनिक सेवा में सेलेक्शन ग्रेड पद है और 1999 बैच के अफसरों को यह ग्रेड जारी करने की सरकार को अनुमति दी जाए।
यह मामला पहले ही न्यायालय में लंबित है। अदालत ने कहा कि यदि इस स्थिति में हम सेवानिवृत्ति अफसरों को सेलेक्शन ग्रेड के अनुदान देने की अनुमति देते हैं तो इसके परिणाम स्वरूप हमें सेलेक्शन ग्रेड अफसरों को विभिन्न स्लाट देना होगा।
इससे आगे विवाद सुलझने की बजाए और उलझता जाएगा। तमाम बातों को ध्यान में रखते हुए खंडपीठ सरकार के दोनों आवेदनों को खारिज करती है। रियासती सरकार ने एक अन्य आवेदन में 13 अप्रैल 2014 को जारी आदेश को संशोधित करने की प्रार्थना की।
उल्लेखनीय है कि सिंगल जज के आर्डर पर कुछ अफसरों ने एलपीए फाइल की थी, जिस पर इस अदालत ने सरकार को अफसरों के प्रमोशन के मामले में यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए थे।