धरने पर बैठे घोड़े वालों से बात करते अधिकारी
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धर्मनगरी में शनिवार की सुबह घोड़े-पिट्ठू वालों की हड़ताल फिर शुरू हो गई। मजदूरों ने नगर में रोष रैली निकाली और साफ कह दिया कि टोकन सिस्टम नहीं चलने दिया जाएगा। जल्द से जल्द मजदूरों और घोड़ों की जांच कर कार्ड दिया जाए।
शनिवार की सुबह घोड़ा, पिट्ठू और पालकी वाले उस समय हड़ताल पर चले गए, जब उन्हें बिना कार्ड के ट्रैक पर जाने की अनुमति नहीं दी गई। सभी घोड़ा, पिट्ठू और पालकी वाले चेतक भवन से एकजुट होकर सोहन सिंह की अगुवाई में जुलूस निकालते हुए मैन बाजार से होते हुए बस स्टैंड के रास्ते एसडीएम आफिस पहुंच गए। वहां सभी ने जांच कर जल्द से जल्दी कार्ड बनाने की मांग की।
उन्होंने कहा कि दो महीनों से कसबे के रहने वाले घोड़े-पिट्ठू वालों की जांच नहीं हो पाई है। टोकन सिस्टम को बंद किया जाए, अन्यथा हम भुखमरी के कगार पर आ जाएंगे। क्योंकि टोकन सिस्टम से एक घोड़े की क्षमता सौ किलोग्राम वजन उठाने की है तो सवारी 150 किलोग्राम की आती है। उसे कैंसल कर दोबारा लाइन में नंबर के लिए लगना पडे़गा।
इस तरह नंबर पांच से सात दिन तक आएगा जो हमें कभी मंजूर होगा। वहीं एसडीएम अनिल चंदेल का कहना है कि हम चेतक भवन में डॉक्टरों की एक टीम बैठाकर जल्द से जल्द इनकी जांच करवाएंगे। चंदेल का कहना है कि हमने एक टीम को इनकी जांच के लिए दो तीन महीनों से जागरूकता कैंप लगा रखा है।
साथ ही माइक से सूचना भी करवा रहे हैं कि हर घोड़े-पिट्ठू पालकी वाला अपनी जांच करवाए और हमारी जांच जारी हैं, जिसे हम 30 अप्रैल तक हम अपनी जांच पूरी कर लेंगे। उसके बाद बिना जांच वाले घोड़े, पिट्ठू को ट्रैक पर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।