यूजीसी की तरफ से 2005 में शुरू किया गया महिला अध्ययन केंद्र बखूबी काम कर रहा है। केंद्र से अब तक आठ बैच पासआउट हो चुके हैं। अब केंद्र को अपग्रेड करने की तैयारी है। अब अध्ययन केंद्र में पढ़ाई के साथ ही शोधकार्य भी कराया जाएगा। विभाग ने इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं।
फिलहाल महिलाओं पर अध्ययन करने को लेकर दो प्रारूप हैं जिसमें से पहला महिलाओं से जुड़े सामान्य मुद्दे तथा दूसरा महिला एवं कानून होगा। इन विषयों को लेकर महिलाओं पर अध्ययन स्थापित महिला अध्ययन केंद्र के जरिए करवाया जा रहा है। यह सिलसिला 2005 से जारी है। इसके लिए तीन महीने का सर्टिफिकेट कोर्स चलाया जा रहा है जिसमें स्टूडेंट रूचि ले रहे हैं। वहीं अगस्त माह में इस सर्टिफिकेट कोर्स के आगामी सत्र लिए विज्ञापन भी जारी किया जाएगा। यह जरूरी नहीं है कि महिला अध्ययन केंद्र में महिला ही अध्ययन करें। पुरुष भी महिला अध्ययन केंद्र से सर्टिफिकेट कोर्स का लाभ उठा सकते हैं। महिला अध्ययन केंद्र की डायरेक्टर प्रो.नीलू शर्मा ने बताया कि वूमेन एंड ला से दो बैच जबकि जनरल ईश्यू विषय पर सात से आठ बैच निकल चुके हैं।
सर्टिफिकेट से मिलने वाले लाभ
महिला व कानून कोर्स के सर्टिफिकेट से सोशल वेल्फेयर में काउंसलिंग जॉब हासिल हो सकती है। जबकि आईएएस व केएएस की तैयारियों में भी यह कोर्स सहयोगी होता है। अध्ययन के दौरान ड्रामा, डिबेट व मुशायरे से लोगों को जागरुक कराने के भी कार्य होते हैं।