चारों ओर बर्फ से घिरे जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ के दूरदराज इलाके मढ़वा में इलाज के अभाव में सोमवार को जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचाने के लिए चार दिन से हेलीकाप्टर की मांग प्रशासन से की जा रही थी। लेकिन मौसम खराब होने के कारण उसे समय पर न तो हेलीकाप्टर मिल सका और न ही इलाज।
जच्चा-बच्चा की मौत का मामला विधान परिषद में भी गूंजा। पूर्व मंत्री और एमएलसी सजाद अहमद किचलू ने जोरदार विरोध दर्ज करवाते हुए सरकार से घटना पर जवाब मांगा। उन्होंने कहा, इलाज के इंतजार में जच्चा-बच्चा की मौत सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाती है।
जानकारी के अनुसार पिछले चार दिन से मढ़वा के पासर की रहने वाली गर्भवती महिला गुलशन की हालत खराब थी। स्थानीय लोगों ने उसके लिए तुरंत हेलीकाप्टर की सेवा देने की मांग प्रशासन से की थी। चार दिन के इंतजार के बाद सोमवार की सुबह उसका प्रसव हुआ, लेकिन उचित इलाज के अभाव में जच्चा और बच्चा दोनों की मौत हो गई।
किश्तवाड़ से संपर्क केवल पगडंडी के सहारे
हेलीकॉप्टर के जरिए इलाज के लिए ले जाए गए लोग
- फोटो : demo
सब डिवीजन होने के बावजूद इलाके का किश्तवाड़ से संपर्क केवल पगडंडी के सहारे ही है। पैदल मार्ग ही है। जो सड़क बनाई गई है, वह कश्मीर से होते हुए किश्तवाड़ तक है, लेकिन इस सड़क पर मरगन टाप और सिंथन टाप में बर्फ की कई फुट मोटी चादर बिछी हुई है।
ऐसे में मात्र हेलीकाप्टर से ही लोगों को किश्तवाड़ पहुंचाने का विकल्प बचता है। गौरतलब है कि बीते दिनों गंभीर रूप से बीमार चार लोगों को हेलीकाप्टर से इलाज के लिए किश्तवाड़ पहुंचाया गया था।
भड़के लोगों ने किया प्रदर्शन
भड़के लोगों ने किया प्रदर्शन
- फोटो : demo pic
जच्चा-बच्चा की मौत के बाद मढ़वा वासियों का गुस्सा भड़क गया। सोमवार को किश्तवाड़ डाकबंगला के सामने हेलीकाप्टर सेवा लगाने की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने इन मौतों के लिए प्रशासन और सरकार को जिम्मेदार ठहराया। तहसीलदार इरशाद अहमद भट्ट ने मौके पर पहुंच कर लोगों को आश्वासन देकर प्रदर्शन समाप्त करवाया।
क्या कहते हैं अधिकारी
मढ़वा के लोगों के लिए हेलीकाप्टर सेवा जरूरत पड़ने पर उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए जा चुके हैं, लेकिन 26 जनवरी से तीन दिन तक लगातार मौसम बेहद खराब रहा। बर्फबारी होती रही। इसके कारण हेलीकाप्टर का उड़ना संभव नहीं हो पा रहा था।- गुलाम नबी बलवान, डीसी, किश्तवाड़