Choudhar Lal Singh Meeting (File)
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फिर 2014 में बसोहली से भाजपा के टिकट पर उन्होंने फिर जीत दर्ज की। तब जम्मू कश्मीर राज्य में भाजपा और पीडीपी ने मिलकर सरकार बनाई। वह एक बार फिर मंत्री बने। इस बार वह वन मंत्री बने।
साल 2014 में मंत्री बनने के कुछ सप्ताह बाद ही उनके खिलाफ एक महिला डॉक्टर ने शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप लगे कि अस्पताल में ऑन ड्यूटी डॉक्टर की कॉलर को पकड़ा था।
2018 में कठुआ में 9 साल की बच्ची के दुष्कर्म और हत्या का मामले में एक रैली में शामिल होने पर चौधरी लाल सिंह पर आरोपियों को बचाने के आरोप लगे। विवाद के परिणामस्वरूप लाल सिंह ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। जिसके बाद भाजपा और चौधरी लाल सिंह में दूरी बढ़ती गई।
पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए वह सीबीआई जांच की अपनी मांग पर अड़े रहे और इस मांग के लिए बड़ी-बड़ी रैलियां निकालीं। आगे चलकर उन्होंने खुद की पार्टी बनाई, जिसे डोगरा स्वाभिमान संगठन पार्टी नाम दिया। अभी वह भाजपा के खिलाफ आक्रामक नजर आते हैं। उन्होंने राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा का समर्थन किया था, लेकिन एक विवाद के चलते वह इस यात्रा से नदारद रहे। लाल सिंह जम्मू को अलग राज्य बनाने की मांग को जोरशोर से उठाते हैं। जम्मू को अलग राज्य बनाते हुए यहां अनुच्छेद 371 को लागू करने की मांग करते हैं।