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Lal Singh: कौन हैं पूर्व मंत्री चौधरी लाल सिंह, जिनका भाजपा से भी रहा है नाता, आज ED ने मारा छापा

Tue, 17 Oct 2023 03:37 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

बसोहली से भाजपा के टिकट पर  2014 में  चौधरी लाल सिंह विधायक बने। तब जम्मू कश्मीर राज्य में भाजपा और पीडीपी ने मिलकर सरकार बनाई। वह एक बार फिर मंत्री बने। इस बार वह वन मंत्री बने।
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Lal Singh Chaudhary (File)
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विस्तार
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जम्मू कश्मीर के पूर्व मंत्री एवं सांसद चौधरी लाल सिंह के आवास पर मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय ने छापा मारा है। ये रेड आरबी एजुकेशनल ट्रस्ट के खिलाफ दर्ज पीएमएलए मामले में की गई है। इस ट्रस्ट की अध्यक्ष लाल सिंह की पत्नी कांता अंदोत्रा हैं। आरोप है कि साजिश के तहत ट्रस्ट को 329 कनाल भूमि का आवंटन किया था। इस मामले में जम्मू, कठुआ और पठानकोट में आठ जगहों पर छापेमारी की जा रही है। सीबीआई ने 12 सितंबर 2020 को इस मामले में एफआईआर दर्ज की थी, जिसके बाद ईडी ने मनी लांड्रिंग का मामला दर्ज किया है।

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चौधरी लाल सिंह ने राजनीति की शुरुआत छात्र नेता के तौर पर की थी। पहली बार 1986 में कठुआ की बसोहली सीट से कांग्रेस टिकट पर विधायक बने। 2002 में भी वह यहां से जीते औप पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी और कांग्रेस की गठबंधन सरकार में स्वास्थ्य मंत्री बने। स्वास्थ्य मंत्री बनने के दौरान भी वह खूब सुर्खियों में रहे।



इसके बाद साल 2004 और 2009 में कठुआ-उधमपुर की सीट से जीत कर लाल सिंह लोकसभा पहुंचे। साल 2014 में कांग्रेस की तरफ से टिकट न मिलने के चलते उन्होंने कांग्रेस से नाता तोड़ लिया। इसके बाद वह कठुआ में एक समारोह में तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की उपस्थिति में औपचारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए।
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ये भी पढ़ें- ED Raids: पूर्व मंत्री चौधरी लाल सिंह के घर समेत विभिन्न जगहों पर ईडी का छापा, मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एक्शन

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Choudhar Lal Singh Meeting (File) - फोटो : संवाद
फिर 2014 में बसोहली से भाजपा के टिकट पर उन्होंने फिर जीत दर्ज की। तब जम्मू कश्मीर राज्य में भाजपा और पीडीपी ने मिलकर सरकार बनाई। वह एक बार फिर मंत्री बने। इस बार वह वन मंत्री बने।

साल 2014 में मंत्री बनने के कुछ सप्ताह बाद ही उनके खिलाफ एक महिला डॉक्टर ने शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप लगे कि अस्पताल में ऑन ड्यूटी डॉक्टर की कॉलर को पकड़ा था।

2018 में कठुआ में 9 साल की बच्ची के दुष्कर्म और हत्या का मामले में एक रैली में शामिल होने पर चौधरी लाल सिंह पर आरोपियों को बचाने के आरोप लगे। विवाद के परिणामस्वरूप लाल सिंह ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। जिसके बाद भाजपा और चौधरी लाल सिंह में दूरी बढ़ती गई।

पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए वह सीबीआई जांच की अपनी मांग पर अड़े रहे और इस मांग के लिए बड़ी-बड़ी रैलियां निकालीं। आगे चलकर उन्होंने खुद की पार्टी बनाई, जिसे डोगरा स्वाभिमान संगठन पार्टी नाम दिया। अभी वह भाजपा के खिलाफ आक्रामक नजर आते हैं। उन्होंने राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा का समर्थन किया था, लेकिन एक विवाद के चलते वह इस यात्रा से नदारद रहे। लाल सिंह जम्मू को अलग राज्य बनाने की मांग को जोरशोर से उठाते हैं। जम्मू को अलग राज्य बनाते हुए यहां अनुच्छेद 371 को लागू करने की मांग करते हैं।
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