पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी ने मंगलवार को मनरेगा योजना के तहत सामग्री लागत भुगतान जारी करने में पक्षपात के बढ़ते आरोपों पर गंभीर चिंता व्यक्त की। पीडीपी ने कहा कि कि इस तरह की प्रथाएं जम्मू-कश्मीर की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और भी अनिश्चितता की ओर धकेल रही हैं और पहले से ही संकटग्रस्त ग्रामीण आबादी को और भी अधिक संकट में डाल रही हैं।
पीडीपी नेता एजाज अहमद मीर ने जारी बयान में कहा कि जम्मू-कश्मीर में ग्रामीण रोज़गार योजनाओं को सुव्यवस्थित करने के आधिकारिक दावों के बावजूद, ज़मीनी हक़ीक़त कुछ और ही कहानी बयां करती है। ठेकेदारों के बिल महीनों से लंबित हैं, धूल फांक रहे हैं, और कोई नया काम शुरू नहीं हो रहा है क्योंकि ठेकेदारों ने रुचि खो दी है। यह एक गंभीर मुद्दा है और इस पर सत्ता में बैठे लोगों को तत्काल ध्यान देना चाहिए। मनरेगा के प्रभावी कार्यान्वयन और स्थानीय समुदाय के कल्याण के लिए समान भुगतान वितरण सुनिश्चित करना आवश्यक है।