जम्मू-कश्मीर में चुनाव के दौरान मौसम अगर मेहरबान हो तो प्रत्याशी भी सही से प्रचार अभियान को गति दे सकते हैं और अगर मौसम का मिजाज बिगड़ा तो चुनावी रण में कूदे प्रत्याशियों के लिए मुश्किलें बढ़ जाती हैं। प्रचार ही नहीं कर पाएंगे तो फिर मतदाताओं को चुनावी वादों से कैसे रिझा पाएंगे।
मौसम विभाग से मिली जानकारी को अगर सही मानें तो पहले चरण के चुनाव के लिए मैदान में भाग्य आजमाने उतरे प्रत्याशियों के लिए मौसम मेहरबान होने वाला है। 12 नवंबर से 22 नवंबर तक विभाग से प्राप्त आंकड़ों में रियासत भर में मौसम खुश्क रहने वाला है।
मौसम के खुश्क रहने का मतलब है, बारिश या बर्फबारी की संभावना नहीं है। यह बात जम्मू कश्मीर में पहले चरण के होने वाले विधानसभा चुनाव के प्रत्याशियों के लिए किसी खुशखबरी से कम नहीं है।
25 नवंबर को पहले चरण के चुनाव होने हैं। इस चरण में चुनाव आयोग ने ऐसी विधानसभा सीटों को चुना है, जहां मौसम कभी भी बिगड़ जाए तो हलकी बारिश के दौरान भी बर्फबारी हो जाती है। ऐसे में न तो लोग घरों से बाहर निकल पाएंगे हैं और न ही चुनावी रण में कूदे उम्मीदवार प्रचार कर पाएंगे।
25 नवंबर को पहले चरण में 15 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव होना है। इनमें गुरेज विधानसभा सीट, बांडीपोरा, सोनावाड़ी, कंगन, गांदरबल, नोबरा, लेह, कारगिल, जंस्कार, किश्तवाड़, इंद्रवाल, डोडा, भद्रवाह, रामबन और बनिहाल विधानसभा सीटें शामिल हैं। उक्त विधानसभा सीटों पर इन दिनों चुनाव प्रचार जोर-शोर से चल रहा है।