आरएस पुरा। मौसम का मिजाज राहत देने को तैयार नहीं है। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी मैदानी क्षेत्र के लोगों पर भारी पड़ रही है। शीतलहर लोगों को परेशान कर रही है। लोग घरों में कैद रहने को मजबूर हैं।
बुधवार को भी सर्दी का सितम बरकरार रहा। ऐसे में लोगों ने दिनभर घरों में रहकर गुजारा। शीतलहर के चलते चार दिन से लोग कड़ाके की ठंड झेल रहे हैं। चार दिन तक सूर्यदेव के दर्शन नहीं हो सके। तो ठंड का असर अधिक महसूस हो रहा है। पहाड़ों पर हुई बर्फबारी व मैदानी क्षेत्र में रुक-रुककर हो रही बारिश के चलते ठंडी हवा के चलने से पूरा दिन ऐसा ही रहा। दूसरी ओर अस्पतालों की ओपीडी में अधिकतर मरीज सर्दी से बीमार होकर पहुंचे। गले में इंफेक्शन, खांसी, जुकाम और बुखार के सबसे अधिक मरीज रहे। कई लोगों का भय भी है कहीं वह पॉजिटिव तो नहीं हो गए। डॉक्टरों द्वारा भी टेस्ट की रिपोर्ट के बाद ही उपचार किया जा रहा है।
फिजीशियन डॉ. पंकज सिंह का कहना है कि सर्दी में बच्चों और बुजुर्गों को बचकर रहने की अधिक आवश्यकता है। अगर लगता है कि कोरोना हो सकता है तो टेस्ट कराएं ताकि परिवार के अन्य सदस्य इसकी चपेट में न आएं। कस्बे के बाजारों में दुुकानदार अलाव का सहारा ले रहे हैं।
मौसम के बदले मिजाज से किसान चिंतित
आरएस पुुरा। दोपहर से हो रही बारिश से किसानों की चिंता बढ़ने पर गेहूं की फसल को नुकसान पहुंच सकता है। बुधवार अगर रात भर बारिश होती रही तो किसानों की मेहनत पर पानी फिर जाएगा।
किसानों का मानना है कि अगर बारिश होती है या इसी तरह ठंडी हवाएं चलती रहीं तो गेहूं की फसल को नुकसान हो सकता है। इसी कारण सीमावर्ती किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसान सरदारी लाल ने कहा कि पिछले दिनों भी पांच दिन तक बारिश हुई। ऐसे में लगा था कि बारिश के बाद मौसम खुलेगा और धूप निकलेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पहली बारिश के कारण खेतों में जमा पानी सूख नहीं पाया है। किसान हरदेव सिंह ने कहा कि लगातार मौसम खराब है और एक फिर से बारिश शुरू हो गई है। ऐसे में यह बारिश गेहूं की फसल के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है। किसानों ने बताया कि इस समय बारिश की जरूरत नहीं है। पहले से ही खेतों में पानी काफी जमा है। अगर और बारिश हुई तो गेहूं की फसल ज्यादा पानी जमा होने के कारण पीली पड़ सकती है। किसानों ने कहा कि वह प्रार्थना कर रहे हैं कि मौसम खुल जाए और धूप निकल आए। ताकि उनकी फसलों को नुकसान न हो।
पूर्व कृषि अधिकारी गुलशन शर्मा ने कहा कि इस समय बारिश गेहूं की फसल को नुकसान पहुंच सकता है। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों हुई बारिश का पानी अभी कई जगहों में खेतों में जमा है। अगर और बारिश होती है तो वो फसल को नुकसान पहुंच सकता है। उन्होंने किसानों से आग्रह करते हुए कहा कि अगर बारिश जारी रहती है तो वो अपने खेतों में पानी को जमा न होने दें। इससे फसल को नुकसान हो सकता है। इसलिए किसान लगातार पानी की निकासी बनाए रखने के साथ समय पर खेतों से निकालें।
परगवाल में बारिश से ठंड का प्रकोप बढ़ा
परगवाल। सीमा क्षेत्र परगवाल में बुधवार को रुक-रुक कर हो रही बारिश से ठंड का प्रकोप बढ़ गया। लोग ठंड से बचने के लिए ऊनी कपड़ों और अलाव का सहारा ले रहे हैं। सर्दी से सबसे ज्यादा बुरा हाल बुजुर्गों और छोटे बच्चों का रहा। लोग तरह-तरह के उपाय कर सर्दी से अपने आपको बचाते दिखे। ठंड बढ़ने से परगवाल के मुख्य बाजार में भी रौनक कम ही रही, जिससे दुकानदार वर्ग मायूस दिखा। लोगों का कहना था कि क्षेत्र चिनाब दरिया के साथ सटा होने के कारण यहां अन्य क्षेत्रों के मुकाबले ज्यादा ठंड पड़ती है। संवाद
बारिश से किसान हो गए परेशान
विजयपुर। क्षेत्र में बुधवार को हुई बारिश के बाद सर्दी में इजाफा हो गया है। इस कारण लोग घरों में ही रहे। लोगों ने बताया कि पहले ही बहुत सर्दी थी। ऊपर से बारिश के कारण जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। बारिश से किसान काफी परेशान हो गया है। क्योंकि खेत में पहले ही बारिश का पानी इकट्ठा था। उसके बाद बुधवार को हुई बारिश से किसान वर्ग परेशान हो गया है। किसानों ने बताया कि अब बारिश की जरूरत नहीं थी। क्योंकि उनकी गेहूं की फसल खराब होने के कगार पर पहुंच जाएगी। संवाद
घरों में ही दुबके रहे लो
बिश्नाह। क्षेत्र में बुधवार सुबह से ही जहां धुंध छाई रही वहीं दोपहर बाद शुरू हुई बारिश के बाद बढ़ी ठंड से लोग घरों में ही दुबके रहे।
कस्बे के व्यापारी नरेश गुप्ता, रेस्टोरेंट व्यवसाय से जुड़े मोहिंदर पाल मेहरा, बूट चप्पल व्यवसाय से जुड़े राजेश शर्मा राकेश ने बताया कि व्यापारी वर्ग पहले ही मंदी के चपेट में था। इस बारिश से ठंड बढ़ गई, परंतु अब व्यापार की चिंता सताने लगी है। क्योंकि 10 दिन से हम देख रहे हैं कि लोग बाजार में खरीदारी करने नहीं आ रहे। व्यापारी वर्ग मंदी की चपेट में है। अब बारिश ने और भी चिंता बढ़ा दी है। बारिश से सारा व्यापार चौपट हो गया है। लोग मात्र अपनी जरूरत के अनुसार चीज खरीद रहे हैं।
किसानों को भी अब फसल की चिंता सताने लगी है। किसानों का कहना है कि पहले हुई बारिश से हम अभी तक खेतों में पैर नहीं लगा पा रहे हैं। जमीन अभी तक गीली है। इस बारिश से तो हमारी फसलों को नुकसान होगा। प्याज की पनीरी को ज्यादा नुकसान पहुंचा है, जो किसानों ने टमाटर आदि की बिजाई की थी वह भी नहीं निकल पा रहे। अब किसान इस बारिश से चिंतित हो गए हैं।
अखनूर के कई हिस्सों में हुई बारिश
अखनूर। पहाड़ों में बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में बारिश क्षेत्र में तापमान में गिरावट आने पर ठंड बढ़ गई। इस पर क्षेत्र लोगों को फिर से ठंड का समाना करना पड़ा। बुधवार सुबह क्षेत्र के कई हिस्सों में बारिश शुरू हो गई। क्षेत्र में शीत लहर चलने पर तापमान में गिरावट आने पर बुजुर्गों और बच्चों को कई प्रकार की परेशानी का समाना करना पड़ा। गेहूं की फसल को भी बारिश से नुकसान होने की संभावना है।
ग्रामीण लाल चंद ने बताया कि बारिश के साथ शीत लहर चलने पर तापमान में गिरावट आई है। इस पर ठंड बढ़ने से कई प्रकार की परेशानियों का समाना करना पड़ रहा है। रोहन कुमार ने बताया बारिश और धुंध से क्षेत्र के लोगों को लगातार दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।