आरएस पुरा। उपजिले में दो दिन से हो रही बारिश से किसानों की गेहूं व अन्य फसलों के लिए बेहतर साबित हो रही। पहाड़ों में पर बर्फबारी के चलते चल रही शीत लहर के चलते लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम अधिकारी रमेश ने बताया कि इस बारिश से सबसे अधिक फायदा किसानों को है। बिन बारिश सूख रही फसलों को संजीवनी मिली है। अभी कई दिन तक इसी तरह बारिश जारी रहने की संभावना जताई जा रही है। उन्होंने कहा कि सर्दी में बारिश नहीं होने पर लोगों को शुष्क सर्दी के चलते कई प्रकार की बीमारियों का शिकार होना पड़ रहा था। इससे भी काफी हद तक राहत मिलेगी। बुधवार को उपजिले के बाजारों में भी अधिक चहल-पहल नहीं दिखी और कई दुकानें बंद रहीं।
किसान रतन लाल का कहना है कि इस बारिश से गेहूं की फसल बेहतर होने की संभावना है। गत वर्ष बेमौसम बारिश होने पर किसानों की खेतों में खड़ी धान की फसल नष्ट हो गई थी। उन्होंने कहा कि पिछले तीन दिनों से सर्दी में बढ़ोतरी हुई है, जिससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दुकानदार अजय कुमार, पवन कुमार का कहना है कि रुक-रुक हो रही बारिश के चलते कारोबार जरूर प्रभावित हो रहा है।
कंडी क्षेत्र के किसान भी गेहूं की खेती कर पाएंगे
बिश्नाह। दो दिन से हो रही बारिश से क्षेत्र के किसान खुश हैं। इस बारिश से गेहूं की फसल को फायदा पहुंच रहा है। जिन लोगों ने मटर की खेती की है उन्हें भी इससे फायदा पहुंचेगा। वहीं चकवाना गांव के किसान सुदर्शन शर्मा ने कहा कि हमें धान की फसल में भारी नुकसान हुआ था। कुछ दिन से बारिश न होने के कारण गेहूं की फसल को लेकर हमारी चिंता बढ़ने लगी थी। इस बारिश से गेहूं की फसल की चिंता अब खत्म हो गई है। हालांकि बारिश और कुछ दिनों तक होने की उम्मीद है। वहीं इस बारिश के बाद सिंचाई विभाग की भी मुश्किलें कम हो गई हैं। क्योंकि क्षेत्र में नहरों की सफाई न होने के कारण किसानों को पानी नहीं मिल पा रहा था। अब बारिश से सिंचाई विभाग ने भी कुछ राहत महसूस की होगी। इस बारिश के कारण कंडी क्षेत्र जहां अधिकतर गेहूं की फसल नहीं लग पाई थी, वह लग जाएगी। क्योंकि गेहूं की फसल किसान लोहड़ी तक लगाते हैं। कंडी क्षेत्र के किसानों को अपनी फसलों के लिए इस बारिश का बेसब्री से इंतजार था।
कंडी क्षेत्र में औषधि बनकर हो रही बारिश
गेहूं की फसल के लिए लाभदायक सिद्ध होगी
बाड़ी ब्राह्मणा। दो दिन से हो रही बारिश कंडी क्षेत्र के लोगों के लिए औषधि से कम नहीं है। बारिश गेहूं, सरसों और चने की फसल के लिए लाभदायक सिद्ध हो रही है। कंडी क्षेत्र में गेहूं की फसल बारिश न होने से कई किसानों ने नहीं लगाई थी। दो दिन से हो रही बारिश से क्षेत्र के किसानों के चेहरे खिल उठे हैं।
जिन किसानों ने गेहूं की फसल लगा दी थी, उनके लिए भी यह लाभदायक साबित हो रही है। बारिश को लेकर कंडी क्षेत्र के किसानों का कहना है कि फसलों के लिए यह पहली बारिश काफी लाभदायक सिद्ध होगी और अगर दोबारा से समय पर बारिश हो गई तो इस बार बंपर फसल तैयार होने से कोई नहीं रोक सकता।
कंडी क्षेत्र होने से किसानों का सारा दारोमदार बारिश पर रहता है। अगर बारिश समय पर होती रहे तो बंपर फसल पैदा होने के आसार बन जाते हैं।
किसान गौतम सिंह ने बताया कि गेहूं की फसल के लिए यह पहली बारिश काफी लाभदायक रहेगी।
बारिश के कारण बाजार रहे सुनसान
विजयपुर। क्षेत्र में बारिश के कारण जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। बाजार सुनसान हैं। किसान वर्ग काफी खुशी मना रहा है। दो दिन से बारिश होने के कारण गंदा पानी लोगों के घरों में घुसना शुरू हो गया है। शिव नगर क्षेत्र में बारिश के कारण गंदा पानी लोगों के घरों में घुस गया है। लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश से सर्दी में इजाफा हुआ है। संवाद
पशु चारे पर बना रहा संकट
अरनिया। बारिश से आम जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। लगातार दो दिन से हो रही बारिश से लोगों को घरों में ही रहना पड़ा है। वहीं पशु चारे पर भी संकट बना रहा। किसानों के अनुसार मंगलवार से शुरू हुई बारिश पशु चारा व गेहूं फसल के लिए अच्छी आशा लेकर आई। बुधवार को भी सारा दिन बारिश जारी रहने से सोने पे सोहागा वाली राहत लेकर आई है। हालांकि खासतौर से गेहूं की फसल सबसे नाजुक होने से यह अधिक नमी सहन नहीं कर सकती। मगर करीब दो माह से सूखे पड़े इन खेतों पर फिलहाल दूसरे दिन की इस बारिश का विपरीत असर नही पड़ेगा। देर शाम खबर लिखे जाने तक बादल छाए रहने से बारिश का जारी रही। संवाद
मार्गों पर कम संख्या में चले वाहन
अखनूर। सीमावर्ती क्षेत्र में लगातार दूसरे दिन भी बारिश होने पर सामान्य जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। क्षेत्र में ठंड बढ़ने से लोगों को कई प्रकार की परेशानियां का सामना करना पड़ा है। बुधवार को सुबह से ही बारिश होने पर बाजारों में लोगों को आवाजाही कम रही। मार्गों पर भी कम संख्या में वाहन चले। शीत लहर चलने पर लोगों को आग का सहारा लेना पड़ा। क्षेत्र के कई नालों में भी पानी आने से ओवरफ्लो होकर बहाने लगे। अजय कुमार ने बताया पहाड़ों में बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में बारिश से तापमान में गिरावट आई है। शीत लहर से ठंड बढ़ गई है। बाजारों में लोगों की आवाजाही कम रही है। संवाद