कश्मीर घाटी में शनिवार को मौसम में पूरी तरह से सुधार देखने को मिला। सुबह से ही अच्छी धूप खिली रही। बारिश थमने से झेलम नदी के साथ साथ अन्य सहायक नदियों तथा नालों में जलस्तर काफी घट चुका है। लिहाजा बाढ़ का खतरा पूरी तरह से टल गया है। मौसम में सुधार के बाद खासकर झेलम नदी के आसपास रहने वाले जलस्तर के घटने से जहां राहत की सांस ली है वहीं, घाटी के अन्य हिस्सों के लोगों ने भी राहत पाई है।
बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारी ने बताया कि नदियों में जलस्तर काफी घटने लगा है। खासकर मुख्य नदी झेलम में जिससे स्थानीय लोगों को अब परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि श्रीनगर में झेलम नदी का जलस्तर पिछले 24 घंटे के भीतर करीब 4 फीट घट चुका है, जो एक अच्छी खासी कमी है। अधिकारी के अनुसार जहां दक्षिणी कश्मीर में जलस्तर खतरे के निशान से कम हो चुका है।
वहीं मध्य और उत्तरी कश्मीर में अभी भी जलस्तर खतरे के निशान के करीब चल रहा है लेकिन घबराने वाली कोई बात नहीं। झेलम नदी का जलस्तर शनिवार को शाम 7 बजे दक्षिणी कश्मीर के संगम में जहां 21 फीट के बाद बाढ़ की घोषणा की जाती है वहां जलस्तर 14 फीट बना हुआ था।
मध्य कश्मीर के राम मुंशीबाग जहां 18 फीट के बाद बाढ़ की घोषणा की जाती है, वहां जलस्तर 17.05 फीट बना हुआ था, जबकि उत्तरी कश्मीर के अशम में जहां बाढ़ की घोषणा 14 फीट पर की जाती है वहां जलस्तर 13.33 फीट बना हुआ था।