अखनूर। गांव मैरा के चिनाब दरिया से सटे क्षेत्रों में हो रहे भूमि कटाव से दस गांवों की उपजाऊ भूमि चपेट में आ रही है। इसकी रोकथाम के लिए प्रशासन और बाढ़ नियंत्रण विभाग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं करने से क्षेत्र के ग्रामीणों में रोष है। दरिया की चपेट में रोज कई एकड़ भूमि आ रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ नियंत्रण विभाग की कार्यप्रणाली सही न होने पर दरिया में भूमि कटाव हो रहा है। बरसात शुरू होने के साथ ही चिनाब दरिया का जलस्तर बढ़ने लगा है। गांव मैरा में बाढ़ नियंत्रण विभाग द्वारा भूमि कटाव को रोकने के लिए क्रे ट और मरम्मत कार्य नहीं करने पर एक सप्ताह में कई एकड़ उपजाऊ भूमि दरिया की चपेट में आकर बंजर हो गई है। दरिया की चपेट में एक सड़क भी आ चुकी है। वहीं क्षेत्र के दस गांवों की उपजाऊ भूमि में लगातार भूमि कटाव हो रहा है। गांव वदबाल, सीता आला, चक, सिंक दर, मुट्ठी सहित अन्य गांवों के किसानों को रोजीरोटी की चिंता सताने लगी है।
किसान रावेंद्र शर्मा ने बताया कि चिनाब दरिया के गांव मैरा और आसपास क्षेत्रों में भूमि कटाव से प्रशासन और बाढ़ नियंत्रण विभाग द्वारा बरसात से पहले चैनल बनाने और मरम्मत कार्य नहीं करने पर रोज कई एकड़ उपजाऊ भूमि दरिया में समा रही है। उन्होंने बताया कि बाढ़ नियंत्रण विभाग की कार्यप्रणाली सही नहीं होने पर किसानों को लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। दरिया के किनारे क्रेट नहीं डाले गए, दरिया में जलस्तर बढ़ने के साथ ही भूमि कटाव शुरू हो जाता है। उन्होंने बताया कि भूमि कटाव रोकने के लिए कार्य तुरंत शुरू किया जाए।
ग्रामीण सूरम चंद ने बताया कि बाढ़ नियंत्रण विभाग की तरफ से दरिया के पानी के लिए भूमि कटाव के लिए चैनल बनाने का कार्य बरसात से पहले किया जाना चाहिए। किसान राजन कुमार ने कहा कि बाढ़ नियंत्रण विभाग दिखावे के लिए कार्य कर रहा है। कई बार विभाग के अधिकारियों को भूमि के कटाव से अवगत भी कराया, मगर इसके बावजूद भी भूमि कटाव रोकने के लिए कदम नहीं उठाया।
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एक्सईएन ने किया दौरा
बाढ़ एवं नियंत्रण विभाग के एक्सईएन अजय गुप्ता की अगुवाई में टीम ने चिनाब दरिया के सटे क्षेत्रों का दौरा किया। दरिया में जलस्तर बढ़ने की स्थिति में जरूरी कदम उठाने की समीक्षा की, और गांव मैरा में दरिया के पानी से हो रहे भूमि कटाव की समीक्षा की। ग्रामीणों को तुरंत जरूरी कदम उठाने का आश्वासन दिया।
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भूमि कटाव के लिए उच्च अधिकारियों को जानकारी दी गई है, जिस पर टेंडर प्रक्रिया शुरू करके भूमि कटाव को रोका जाएगा।
-अजय गुप्ता, एक्सईएन, बाढ़ और नियंत्रण विभाग