हथियारों को अपने हाथों में उठाकर देखने का अनुभव अविस्मरणीय
परगवाल। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की 195वीं वाहिनी ने हाई स्कूल गुढा मन्हांसा में सोमवार को हथियारों की प्रदर्शनी आयोजित की। प्रदर्शनी में छात्रों ने उत्साह के साथ विभिन्न आधुनिक हथियारों को देखा और उन्हें हाथ में उठाकर करीब से समझने का मौका मिला।
देश की ताकत को करीब से महसूस किया : छात्रों ने इस अनोखे अनुभव को रोमांचक बताया। उन्होंने कहा कि यह पहली बार था जब उन्होंने उन हथियारों को इतनी नजदीक से देखा और छुआ, जिन्हें वे अब तक केवल दूर से देखते आए थे। छात्रों का कहना था कि इस प्रदर्शनी ने उन्हें यह एहसास कराया कि सीमा सुरक्षा बल के हाथों में देश की सीमाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं।
बीएसएफ की पहल – युवाओं में देशभक्ति की भावना जगाना : इस मौके पर बटालियन कमांडेंट सुनील कुमार ने बताया कि बीएसएफ न केवल अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा करता है, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों के युवाओं में सुरक्षा बलों के प्रति जागरूकता और उत्साह जगाने के लिए समय-समय पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन करता रहता है। इसी उद्देश्य से यह हथियार प्रदर्शनी आयोजित की गई थी।
छात्र विजय सिंह, राहुल सिंह और सोनाली मन्हास ने बताया कि हथियारों को अपने हाथों में उठाकर देखने का अनुभव अविस्मरणीय था। इस कार्यक्रम में परगो मेमोरियल शिक्षा केंद्र गुढा मन्हांसा और हाई स्कूल के छात्रों व शिक्षकों ने भी भाग लिया।
बीएसएफ का योगदान – युवाओं के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम
शिक्षक रामरतन ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों का उद्देश्य बच्चों में देशभक्ति की भावना विकसित करना और उन्हें जागरूक बनाना है। बीएसएफ सीमावर्ती क्षेत्रों के छात्रों को भारतीय सुरक्षा बलों में भर्ती के लिए प्रेरित करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम जैसे फिजिकल ट्रेनिंग, भर्ती प्रक्रिया की जानकारी, लिखित परीक्षा की तैयारी, कंप्यूटर नॉलेज और हथियारों की जानकारी उपलब्ध कराता है। इस मौके पर डिप्टी कमांडेंट संतोष शेखरण, कंपनी कमांडर भूपेंद्र सिंह, शिक्षक रीना चिब, मोहिंद्र पाल समेत कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
कैप्शन: गुढा मन्हांसा में हथियारों की प्रदर्शनी देखते स्कूली बच्चे।