जम्मू। जलशक्ति विभाग के अस्थायी कर्मचारियों की दो दिवसीय हड़ताल का असर पानी की आपूर्ति पर पड़ा है। शहर में जल संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है। पुराने शहर सहित कई इलाकों में दूसरे दिन पानी ही नहीं आया है और कई जगह कम मात्रा में आपूर्ति हुई है। शहर में रोजाना 54 मिलियन गैलन वाटर प्रतिदिन (एमजीडी) की जरूरत होती है, लेकिन हड़ताल के चलते शुक्रवार को 34 एमजीडी पानी ही मिल पाया है। उधर, सरकार की ओर से कोई कदम नहीं उठाने पर अस्थायी कर्मचारियों ने हड़ताल को 24 घंटे के लिए बढ़ा दिया है। इस कारण शनिवार को शहर में पानी की किल्लत और बढ़ने वाली है।
हड़ताल के चलते शहरवासियों को शुक्रवार को दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। डिवीजन एक के तहत पुराने शहर में पानी नहीं आया, जिस कारण लोग दिनभर जलशक्ति विभाग से संपर्क करते दिखाई दिए। कुछ स्थानों पर टैंकरों के माध्यम से पानी की आपूर्ति की गई है। डिवीजन दो के तहत नरवाल, सुंजवां, बठिंडी, सिद्दड़ा, बाहु फोर्ट, कुंजवानी, सतवारी, मुट्ठी और जानीपुर के कई इलाकों में दिनभर पानी नहीं आया है। यहां पर दिनभर 40 फीसदी पानी की ही आपूर्ति हो पाई है। नरवाल में लोगों को जलशक्ति विभाग के पंपों से पानी ढोना पड़ा है। बाहु फोर्ट के अधिकांश मोहल्लों में टैंकरों के माध्यम से पानी की आपूर्ति की गई है। कई जगह लोग तवी से पानी ढोने के लिए मजबूर रहे। डिवीजन दो के कार्यकारी अधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि हड़ताल के चलते दिक्कत हुई है। समस्या के समाधान का प्रयास किया जा रहा है। जलशक्ति विभाग के कार्यकारी अधिकारी विजय कुमार ने बताया कि कुछ इलाकों में किल्लत आई है। इसका समाधान किया जा रहा है।