शहर में तीन वाटर एटीएम लगाने की सुविधा ठंडे बस्ते में चली गई है। नगर परिषद ने वाटर एटीम लगाने के लिए शेड भी तैयार कर लिए हैं। जुलाई में एटीएम मशीन लगाने की पूरी तैयारी थी, लेकिन अचानक इस योजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। लोगों को वाटर एटीएम में एक रुपये में एक गिलास साफ फिल्टर पानी पीने के लिए अब लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। नगर परिषद के सीईओ का कहना है कि जीएसटी लागू होने के बाद यह योजना पर धीमा पड़ गया है।
उधमपुर शहर में जन सुविधाओं का बहुत ज्यादा अभाव है। उधमपुर शहर में हर रोज हजारों की संख्या में लोग ग्रामीण इलाकों व तहसीलों से पहुंचते हैं। शहर पहुंचने पर इन लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी पीने के पानी को लेकर होना पड़ता है। शहर के विभिन्न हिस्सों में पीने के पानी की टंकियां व वाटर कूलर तो लगाए हैं, लेकिन इनमें पानी साफ नहीं होता है।
मजबूरन लोगों को 15 या फिर 20 रुपये में पानी की बोतल खरीद कर गुजारा करना पड़ता है। इसी को लेकर जून में नगर परिषद ने तीन वाटर एटीएम मशीन लगाने की योजना तैयार की थी। नगर परिषद के कार्यालय के बाहर, एमएच चौक और सैला तालाब में वाटर एटीएम लगाने के लिए पक्के शेड बनाए गए। जुलाई में एटीएम मशीन लगाने की पूरी तैयारी थी।
नगर परिषद ने इसके लिए एक निजी कंपनी के साथ करार किया था। वाटर एटीएम की कमाई का दस प्रतिशत हिस्सा नगर परिषद को मिलना था। लेकिन पांच महीने गुजरने के बाद भी वाटर एटीएम मशीन नहीं लग पाई है।