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जम्मू नगर निगम: मेयर-डिप्टी मेयर चुनाव में ओपन बैलेट पेपर से मतदान, विपक्ष ने किया बहिष्कार

Sat, 22 Oct 2022 02:13 AM IST
विमल शर्मा सतीश वालिया, जम्मू

सार

नगर निगम में चार साल बाद हुए मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव पहली बार ओपन बैलेट के माध्यम से होने पर कांग्रेस ने बहिष्कार किया है। चुनाव प्रक्रिया गुप्त रूप से होने की मांग विपक्ष करता रहा।
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जम्मू नगर निगम में कांग्रेस पार्षद - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नगर निगम में चार साल बाद हुए मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव पहली बार ओपन बैलेट के माध्यम से होने पर कांग्रेस ने बहिष्कार किया है। चुनाव प्रक्रिया गुप्त रूप से होने की मांग विपक्ष करता रहा, मगर केंद्र से जारी हुई अधिसूचना के अनुसार इस बार चयन ओपन बैलेट से हुआ। इस पर कांग्रेस ने विरोध जताया और चुनाव का बहिष्कार कर दिया। कांग्रेस के 16 से ज्यादा पार्षदों ने मतदान नहीं किया। जो प्रत्याशी चुनाव में लड़ रहे थे, उन्होंने भी किनारा कर लिया। 

कांग्रेस पार्षद बोले-पारदर्शिता ही नहीं रही तो ऐसे में मतदान क्यों करें

कांग्रेस पार्षदों का आरोप है कि चयन प्रक्रिया नगर निगम एक्ट 2000 की धारा 36 के विरोध है। इसमें गुप्त रूप से चयन करना होता था, मगर यहां पर ओपन बैलेट में चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों को पर्ची दिखानी होती है। इससे साफ पता चल जाएगा कि मतदान किसके पक्ष में हुआ।

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चुनाव में पारदर्शिता ही नहीं रही तो ऐसे में मतदान क्यों करें। इससे पहले 2005 में नगर निगम का गठन हुआ था। इस दौरान पांच बार मेयर और डिप्टी मेयर एक-एक साल के लिए चुने गए थे। इस दौरान मतदान गुप्त तरीके से हुआ था।

सबसे हैरानी की बात यह रही थी कि कांग्रेस के मेयर और डिप्टी मेयर को गुप्त मतदान होने के कारण हारना पड़ा था। कांग्रेस पार्षदों का यह भी आरोप रहा कि भाजपा अपने पक्ष में मतदान करवानी चाहती थी और वह ऐसे में कामयाब रही। अधिकांश पार्षद विवश होकर भाजपा के पक्ष में मतदान करते रहे।
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इससे संविधान की गरिमा को ठेस पहुंची है। इस पर उचित कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं, भाजपा पार्षदों का कहना है कि चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता बरती गई है। सरकारी आदेश की मानना की गई है। कांग्रेस हार के डर से मैदान से भागी है। 

चुनाव पारदर्शिता से करवाए गए हैं। इसमें सबको मतदान करने का मौका दिया गया है। कांग्रेस पार्षद हार के डर से चुनाव में नहीं उतरे हैं। - राजेंद्र शर्मा, मेयर, नगर निगम 

 

संविधान की धाराओं की गरिमा को ठेस पहुंची है। चुनाव गुप्त रूप से होना चाहिए था, मगर ओपन बेल्ट के माध्यम से करवाया गया। इसमें किसने, किसको मतदान किया, सार्वजनिक हो गया है। ऐसे में चुनाव का बहिष्कार किया गया है। - द्वारका नाथ चौधरी, नेता विपक्ष 

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