कश्मीर संभाग में पिछले 5 दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से लोगों का काफी बुरा हाल है। भारी बारिश के कारण पैदा हुई बाढ़ जैसी स्थिति से करीब 400 गांव बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। जहां भी देखें तो इलाके जलमग्न दिख रहे हैं। बाढ़ से कई लोग अपने घर छोड़ने पर मजबूर हो गए हैं। उनके पास अब न तो सिर छिपाने के लिए छत है और न ही खाने को कुछ। ऐसे बेबस और लाचार लोगों का सहारा बनने के लिए कई स्वयंसेवक दल सामने आए हैं, जो इन लोगों की सहायता कर रहे हैं।
इस समय श्रीनगर में ऐसा ही एक स्वयंसेवक दल राहत और बचाव कार्य में जुटा हुआ है। सेंटर फार यूथ डेवलपमेंट ट्रस्ट में करीब 150 युवा स्वयंसेवक हैं जो इस आपदा में दिन-रात एक कर लोगों की सहायता में जुटे हुए हैं। ट्रस्ट के चेयरमैन इम्तियाज़ चिस्ती के अनुसार यह जो स्थिति कश्मीर में पैदा हुई है, इससे हजारों लोग प्रभावित हुए हैं जिनकी सहायता के लिए वह सामने आए हैं।
उनके द्वारा हेल्पलाइन नंबर (9419015517, 9419055410, 9086454441) जारी किए गए हैं, जिनपर बाढ़ पीड़ित उनसे संपर्क कर सकते हैं। चिस्ती के अनुसार, उन्हें करीब 150 विभिन्न इलाकों से 500 से अधिक लोगों द्वारा फ़ोन कर संपर्क किया गया, जिनकी सहायता के लिए पूरी कोशिश की गई। उन्होंने यह भी कहा उनके स्वयंसेवकों द्वारा बाढ़ पीड़ितों को प्रभावित इलाकों से बाहर निकाला जा रहा हैं।
वहीं इसके अलावा डाक्टर्स एसोसिएशन कश्मीर (डाक) द्वारा भी हेल्पलाइन नंबर (9419032562, 9469154840) जारी किए गए हैं। यह हेल्पलाइन स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं के लिए बनाई गई हैं। एसोसिएशन के अध्यक्ष डा. निस्सार-उल-हसन के अनुसार, इस आपदा के दौरान कई स्वास्थ्य संबंधित समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं जिनके लिए पूर्ण सुविधाएं प्रदान करने के लिए यह हेल्पलाइन शुरू की गई है।
डा. निस्सार के अनुसार जो भी जरूरतमंद इन नंबरों पर फोन करेगा उस तक मुफ्त दवाइयां और अन्य चीजें पहुंचाई जाएंगी। गौरतलब है कि इस सबके अलावा राज्य में आई आपदा से निपटने के लिए एनडीआरएफ की दो और टीमों को सहायता के लिए बुलाया गया है। कुल मिलकर 8 एनडीआरएफ की टीमें बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए कार्य कर रही हैं।