कश्मीर घाटी में हिंसक घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रहीं हैं। सोमवार को भी काजीगुंड, कुपवाड़ा तथा श्रीनगर के कुछ इलाकों में हिंसक प्रदर्शन हुए। उपद्रवियों ने सुरक्षा बलों पर पथराव किया। हिंसा पर उतारू भीड़ को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले दागे। पत्थरबाजी बढ़ने पर जवानों को फायरिंग भी करनी पड़ी।
हिंसक प्रदर्शनों में आधा दर्जन से अधिक लोग और सुरक्षा बलों के 25 जवान घायल हो गए हैं। दक्षिणी कश्मीर के काजीगुंड में सोमवार की भोर में जमकर बवाल हुआ। लोगों ने जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर लेवेडूरा के पास जाम लगा दिया। इस दौरान सुरक्षा बलों पर पथराव के बाद आंसू गैस के गोले दागे गए।
स्थिति नहीं संभली तो फायरिंग करनी पड़ी। इसमें दो लोग घायल हो गए। इसमें से एक युवक को श्रीनगर के स्किम्स में भर्ती कराया गया है। घायल होने वालों में एसडीपीओ काजीगुंड और सीआरपीएफ के एक डिप्टी एसपी भी शामिल हैं। कुपवाड़ा जिले के लोलाब क्षेत्र के डंगरपोरा कलारूस में भारत विरोधी नारे लगाते हुए जुलूस निकाला गया।
इस दौरान लोगों ने पथराव कर एक एंबुलेंस को क्षतिग्रस्त कर दिया। पथराव के बाद सुरक्षा बलों ने पेलेट गन का भी इस्तेमाल किया। इसमें पांच लोग घायल हो गए। श्रीनगर के पुराने शहर, रावलपोरा, छानपोरा आदि इलाकों में भी हिंसक प्रदर्शन हुए।
उधर, अनंतनाग के डूनीवारा इलाके में पिछले दिनों घायल हुए बुजुर्ग की अस्पताल में मौत हो गई। हुर्रियत जी के चेयरमैन सैयद अली शाह गिलानी ने हैदरपोरा स्थित आवास से बाहर निकलकर दीवारों पर भारत विरोधी नारे लिखे।
पुलिस के अनुसार गांदरबल, कुलगाम, अनंतनाग, शोपियां, बारामुला, कुपवाड़ा तथा बांदीपोरा में पथराव की 15 घटनाएं हुईं। इसमें तीन लोग घायल हुए, जबकि 25 पुलिस तथा सुरक्षाबलों के जवान शामिल हुए।
घायल होने वालों में सीआरपीएफ का एक कमांडर भी है। अलगाववादियों के बंद की वजह से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। रेल सेवा तथा मोबाइल इंटरनेट सेवा ठप है। अलगाववादियों ने पांच अगस्त तक बंद की अवधि बढ़ा दी है।