दक्षिणी कश्मीर के अरवानी में मारे गए लश्कर कमांडर जुनैद मट्टू सहित तीन आतंकियों के जनाजे में लगभग दर्जन भर हथियारों से लैस आतंकी शामिल हुए। उन्होंने अपने साथियों को फायरिंग कर सलामी दी। वायरल वीडियो में जनाजे में शामिल आतंकियों को फायरिंग करते हुए साफ देखा जा सकता है। पुलिस का कहना है कि वह इस मामले की जांच करेगी।
मुठभेड़ स्थल से मट्टू सहित तीन आतंकियों के शव शनिवार को मलबे से बरामद कर लिए गए। इनके पास से हथियार तथा गोला-बारूद भी बरामद हुआ है। कुलगाम जिले के खुदवानी के मट्टू के साथ ही पंपोर के फ्रेसबल का आदिल मुश्ताक मीर उर्फ नाना (18) और शोपियां जिले के हेफ श्रीमाल का निसार अहमद वानी (20) भी मारा गया था।
मीर तथा वानी ने बुरहान वानी के मारे जाने के बाद आतंक का रास्ता थामा था। मट्टू जून 2015 में आतंकी संगठन में शामिल हुआ था। पिछले साल जून महीने में दो पुलिसकर्मियों को मारने के बाद उसे लश्कर का कमांडर बनाया गया था। आतंकियों के घिरे होने की सूचना पर स्थानीय समर्थक उन्हें भगाने के लिए मुठभेड़ स्थल पर प्रदर्शन करने लगे थे।
उन्होंने सुरक्षा बलों पर पथराव भी किया। हिंसक हो उठी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए की गई फायरिंग में दो प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई। आतंकियों के शव बरामद होने के बाद उन्हें परिवार वालों को सौंप दिया गया। तीनों को अलग-अलग स्थानों पर सुपुर्दे खाक किया गया। इस दौरान काफी संख्या में स्थानीय लोग एकत्र हुए थे।