शारदीय नवरात्रि के पहले चार दिनों में माता वैष्णो देवी के चरणों में लगभग डेढ़ लाख श्रद्धालु माथा टेक चुके हैं। वीरवार को रात आठ बजे तक 30 हजार से अधिक श्रद्धालु दर्शनी ड्योढ़ी से आगे बढ़ चुके थे। संभावना है कि इन शारदीय नवरात्रि में भक्तों की संख्या साढ़े तीन लाख तक हो सकती है।
प्रथम नवरात्र पर सोमवार को 42 हजार भक्तों ने भवन में माथा टेका था। वहीं, मंगलवार को यह संख्या 38216 रही। तीसरे दिन बुधवार को भक्तों का आंकड़ा 34115 तक पहुंचा। पंजीकरण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार वीरवार दोपहर 12 बजे तक 15 हजार श्रद्धालु अपना पंजीकरण करवाकर माता के भवन की ओर प्रस्थान कर चुके थे।
दोपहर तीन बजे तक 21 हजार और शाम आठ बजे तक 30 हजार से अधिक भक्त भवन की ओर माता के जयकारे लगाते हुए बढ़े। अभी कक्ष बंद होने में दो घंटे शेष थे, और पंजीकरण के लिए बाहर भक्तों की लंबी कतारें लगी हुई थीं। जानकारी के लिए बता दें कि शनिवार व रविवार को भक्तों की संख्या में फिर से उछाल आएगा। अनुमान है कि नवरात्रि में भक्तों की संख्या साढ़े तीन लाख तक पहुंच सकती है।
देश के हर राज्य की संस्कृति को दर्शाया गया
नवरात्रि महोत्सव में सनातन धर्म सभा 27 सितंबर 4 अक्तूबर तक हर दिन झांकियों का आयोजन कर रही है। इस शोभायात्रा में प्रतिदिन अलग-अलग झांकियां निकाली जा रही हैं। वीरवार को निकाली गई झांकियों में भी देश के हर राज्य की संस्कृति को दर्शाया गया। इस दौरान पूरा माहौल भक्तिमय था।
सबसे पहले नौ कन्याओं का पूजन कर तीन पिंडियों की झांकी को आगे रखा जाता है। इसके बाद राधा कृष्ण, बाबा जीतो, कूश्मांडा माता का स्वरूप, राम सीता वनवास, श्री गणेश, माता की पालकी स्वरूप, गोजरी, लद्दाखी, राजस्थानी, आदि झांकियां निकाली गईं।
इनमें विभिन्य राज्यों की संस्कृति होगी साफ झलक रही थी। झांकी के समय शाम सात बजे मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई। झांकी निकलते ही बड़ी संख्या में लोग मार्ग के दोनों ओर झांकियों देखने के लिए बेताब थे।
शोभायात्रा आते ही माता के जयकारों से धर्मनगरी गूंज उठी, और पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। दोनों ओर खड़े लोग मोबाइल में फोटो ले रहे थे। शोभायात्रा में सभा के सदस्य रतन सिंह, रतन शर्मा, अजय शर्मा, सोनू कोहली, आदि मौजूद थे।