वैष्णो देवी यात्रा खराब मौसम के बाद भी लगातार जारी है। त्रिकुटा पर्वत पर धुंध छाए रहने के कारण हवाई सेवा ठप रही। इस बार प्राचीन गुफा मकर संक्रांति को खुलने के आसार हैं। कोरोना के कारण यह दो साल से बंद रखी गई है।
धर्मनगरी सहित भवन में रविवार दोपहर को कुछ देर के लिए सूर्यदेव के दर्शन हुए। इसके बाद लगातार बादल छाए रहे, और बूंदाबांदी होती रही। दोपहर बाद त्रिकुटा पर्वत पर धुंध छाई। इससे हेलिकॉप्टर सेवा प्रभावित हुई। हालांकि, यात्रा पर कोई असर नहीं पड़ा था।
विज्ञापन
दोपहर तक मौसम साफ रहने पर यात्री भवन की ओर प्रस्थान करते देखे गये। त्रिकुटा पर्वत पर धुंध रहने के कारण कुछ उड़ानों के बाद हेलिकॉप्टर सेवा भी प्रभावित रही। दोपहर बाद हेलिकॉप्टर की ऑनलाइन बुकिंग करवा चुके भक्त पैदल और घोडे़ से यात्रा करने को मजबूर हुए। हालांकि, भैरो घाटी के लिए रोपवे व अद्धकुवारी से बैटरी कार सेवा दिन भर जारी रही।
पंजीकरण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार शनिवार को लगभग 14900 भक्त माता के दर्शनों के लिए पहुंचे। वहीं, रविवार शाम छह बजे तक लगभग आठ हजार श्रद्धालुओं ने पंजीकरण करवाया था। गौरतलब है कि जनवरी व फरवरी में हर वर्ष यात्रा में गिरावट आती है।
विज्ञापन
इन दो महीनों में यात्रियों की संख्या 10 हजार से कम होने पर प्राचीन गुफा के किवाड़ हर दिन कुछ समय के लिए खोल दिए जाते थे। लेकिन, दो वर्षों से कोरोना महामारी के कारण इन्हें बंद ही रखा गया है। इस वर्ष मकर संक्रांति को पूजा के लिए प्राचीन गुफा खुलने की संभावना है।