माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्डन ने बताया कि सांजी छत हेलीपैड पर तेज हवाओं और कम दृश्यता के कारण हेलीकॉप्टर सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं। उधर, त्रिकुटा पर्वत के साथ लगती सूरज कुंड पहाड़ी पर लगी आग लगातार तीसरे दिन भी जारी है। हालांकि, आग बुझाने के लिए एसडीआरएफ, वन विभाग सहित श्राइन बोर्ड के कर्मी जुटे हुए हैं। आग ने बड़े क्षेत्र को अपने कब्जे में ले लिया है। लगातार उठ रहे धुएं के बादल हर तरफ छाए हुए हैं।
शनिवार शाम से ही सूरजकुंड क्षेत्र में लगी आग ने देखते ही देखते त्रिकूट पर्वत का 3 से 4 किलोमीटर का वन क्षेत्र पूरी तरह से अपने कब्जे में ले लिया है। आग का दायरा त्रिकुटा पर्वत के साथ लगते चानन वन क्षेत्र की ओर तेजी से फैल रहा है। मां वैष्णो देवी यात्रा मार्ग की ओर भी आग तेजी से फैल रही है। हालांकि यात्रा मार्ग से फिलहाल आग 3 से 4 किलोमीटर की दूरी पर है।
Vaishno Devi Fire Incident
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आग को बुझाने को लेकर वन विभाग, फॉरेस्ट प्रोटक्शन फोर्स, श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड, आपदा प्रबंधन दल, दमकल विभाग के कर्मचारी जुटे हुए हैं। मगर इस भयंकर आग पर काबू पाने को लेकर भारी मशक्कत का सामना करना पड़ रहा है और आग लगातार तेजी से फैलती जा रही है। अभी तक इस आग की घटना में त्रिकूट पर्वत के करीब 3 से 4 किलोमीटर का वन क्षेत्र अपने कब्जे में ले लिया है। इसने बहुमूल्य वन संपदा को भारी नुकसान पहुंचाया है।
मां वैष्णो देवी यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं को धुएं का सामना करना पड़ रहा है। इस भयंकर आग की घटना को लेकर श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के सीईओ अंशुल गर्ग ने बताया कि आग पर जल्द से जल्द काबू पाया जा सके, इसके लिए सभी तरह के प्रयास लगातार जारी हैं। आग को बुझाने को लेकर श्राइन बोर्ड प्रशासन के साथ ही आपदा प्रबंधन दल, फॉरेस्ट प्रोटेक्शन फोर्स, वन विभाग, दमकल विभाग आदि के अधिकारी व कर्मचारी जी जान से जुटे हुए हैं और इस पर लगातार बारीकी से नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि अगर आग का दायरा किसी कारण वश भवन मार्ग की ओर बढ़ता है तो श्राइन बोर्ड प्रशासन के चेयरमैन से बात कर वायु सेना की मदद ली जाएगी।