वैष्णो देवी में हादसे के बाद लोगों ने भवन के बाहर और कटड़ा में प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि श्राइन बोर्ड की तरफ से यात्रियों के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए थे। बड़ी संख्या में बिना पंजीकरण करवाए लोगों को भवन की ओर जाने दिया गया। इससे वहां भीड़ बढ़ गई। आक्रोशित लोगों ने आरोप लगाया कि मौके पर तैनात पुलिसकर्मी पैसे लेकर लोगों को जल्द दर्शन करवाने के लिए आगे भेज रहे थे। इससे भीड़ अनियंत्रित हो गई। इसे नियंत्रित करने के लिए कुछ पुलिस कर्मियों ने लाठीचार्ज कर दिया। इसके बाद स्थिति बिगड़ती चली गई। लाठीचार्ज होते ही लोग भागने लगे। धक्का-मुक्की होने से कुछ लोग गिर गए। पीछे से आ रही भीड़ उन्हें रौंदते हुए आगे बढ़ गई। जमीन पर गिरे लोगों की दम घुटने से मौत हो गई।
व्यावसायिक संगठन बन चुका है बोर्ड : पूर्व विधायक
कटड़ा। पूर्व विधायक बलदेव राज शर्मा का आरोप है कि श्राइन बोर्ड की कार्यप्रणाली पूरी तरह से व्यावसायिक हो चुकी है। देशभर में यही एक ऐसा मंदिर है जिसके कपाट बंद नही किए जाते। वहीं प्रति दिन यात्रियों की संख्या निर्धारित होने की भी जनता मांग करती आई है जिस पर भी कोई कदम नहीं उठाया गया। अगर ऐसे मुद्दों पर पहल की गई होती तो आज ऐसी घटना का सामना नहीं करना पड़ता।
तीन सदस्यों की टीम करेगी हादसे की जांच: श्राइन बोर्ड
श्राइन बोर्ड ने अपने बयान में कहा कि, हादसे में 12 श्रद्धालुओं की मौत हुई और 15 श्रद्धालु घायल हो गए हैं। सरकार ने तीन सदस्यों की टीम को उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं, जिसकी अध्यक्षता प्रिंसिपल सेक्रेटरी होम करेंगे और उनके अलावा एडीजीपी जम्मू जोन और डिविजनल कमिश्नर जम्मू इसके सदस्य होंगे।
12 लोगों की हो चुकी है मौत, चार की पहचान नहीं
माता वैष्णो देवी भवन में मची भगदड़ में 12 श्रद्धालुओं की मौत हो गई है। मरने वालों में चार उत्तर प्रदेश, दो दिल्ली, एक हरियाणा और एक जम्मू कश्मीर का निवासी है। चार लोगों की अभी पहचान नहीं हो पाई है। घायलों को बाणगंगा अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रधानमंत्री ने इस घटना पर दुख जताते हुए घायलों का उचित उपचार करने के निर्देश दिए है।
अस्पताल प्रशासन से मिली मृतकों की सूची
- धीरज कुमार (26) पुत्र तरलोक कुमार निवासी नौशेरा राजोरी,
- श्वेता सिंह (35) पत्नी विक्रम सिंह निवासी गाजियाबाद उत्तर प्रदेश,
- विनय कुमार (24) पुत्र महेश चंद्र निवासी भद्रपुर दिल्ली,
- सोनू पांडे (24) पुत्र नरिंद्र पांडे निवासी भद्रपुर दिल्ली,
- ममता (38) पत्नी सुरिंद्र निवासी वीरी झज्जर हरियाणा,
- धर्मवीर सिंह (35) निवासी सहारनपुर उत्तर प्रदेश,
- विनीत कुमार (38) पुत्र विरमपाल सिंह निवासी निवासी सहारनपुर उत्तर प्रदेश,
- डॉ. अरुण प्रताप सिंह (30) पुत्र सतप्रकाश सिंह निवासी गोरखपुर उत्तर प्रदेश,
- नरेंद्र कश्यप पुत्र सुभाष कश्यप निवासी कानपुर उत्तर प्रदेश,
- महेंद्र गौड़ पुत्र केशव कृष्ण निवासी कानपुर उत्तरप्रदेश,
- मोनू शर्मा पुत्र पेरूमल निवासी धादरी गौतम बुद्धनगर उत्तर प्रदेश,
- आश्रय (28) पुत्र कैलाश निवासी मोरारी दिल्ली
घायलों की सूची
ऋषिकेश(23) निवासी मुंबई, सुमित (29) पठानकोट पंजाब, विकास तिवारी (35) निवासी मुंबई, आयुष (25) निवासी छन्नी जम्मू, कपिल (25) निवासी दिल्ली, नितिन गर्ग (23) निवासी गंगानगर राजस्थान, किरण (18) निवासी हरियाणा, आशीष कुमार जैसवाल (25) निवासी प्रयागराज यूपी, भंवर लाल (47) निवासी मंदसुर मध्य प्रदेश, साहिल कुमार (22) निवासी आरएस पुरा जम्मू, आदित्य महाजन (16) छन्नी हिम्मत जम्मू, प्रशांत हांडा (30) निवासी जयपुर राजस्थान, सरिता (42) निवासी दिल्ली। दो घायलों की पहचान नहीं हो पाई है।