लद्दाख के उप-राज्यपाल आर के माथुर ने शनिवार को टीकाकरण अभियान के पहले चरण का उद्घाटन किया। इस दौरान अस्पताल के एक सफाई कर्मचारी को पहला टीका लगाया गया। बता दें कि लद्दाख में महामारी के प्रकोप से अब तक 128 मौतें और कुल 9,646 लोग संक्रमित पाए गए हैं। संक्रमण से अब तक 9,404 मरीज ठीक हो चुके हैं, जबकि बाकी 114 का इलाज चल रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कोरोनोवायरस के खिलाफ दुनिया की सबसे बड़ी मुहिम शुरू करने के कुछ ही समय बाद न्योमा ब्लॉक के स्किदमांग गांव के रहने वाले स्केलांग चोडोन को पहला टीका लगाया गया। अभियान के शुभारंभ के मौके पर उप-राज्यपाल ने मेडिकल स्टाफ, आशा, आंगनवाड़ी और यूटी के सफ़ाई कर्माचारिओं को महामारी से निपटने में उनके निस्वार्थ प्रयासों और समर्पण के लिए सराहना की।
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उन्होंने लद्दाख में टीकाकरण अभियान के सफल आयोजन की आशा की। माथुर ने कहा, जैसा कि प्रधानमंत्री मोदी ने जोर दिया है कि टीकाकरण के बाद भी सभी को सुरक्षा सावधानियों का पालन करना चाहिए और वायरस मुक्त समाज को सुनिश्चित करने के लिए पूर्ण अनुशासन बनाए रखना चाहिए। उन्होंने कोरोनोवायरस टीकाकरण के बारे में फैलाई जा रही अफवाहों पर विश्वास नहीं करने और इसकी सुरक्षा पर वैज्ञानिकों, डॉक्टरों और नियामक अधिकारियों द्वारा दिए गए आश्वासन पर भरोसा करने की अपील की।
उधर, जीएमसी जम्मू में अस्पताल की मेडिसिन ओपीडी में कर्मचारियों को वैक्सीन लगाई गई। जीएमसी में पहले दिन वैक्सीन लगवाने वाले सैनिटाइजर सुपरवाइजर राजू ने कहा ये हजारों चिकित्सा कर्मचारियों के खुशी की बात है कि उन्हें पहले चरण में कोविड वैक्सीन मिल रही है। श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में भी टीकाकरण अभियान शुरू हुआ। श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के निदेशक डॉ ए.जी.अहंगर ने पहला टीका लगवाया। वहीं टीकाकरण कराने वाले कर्मी ने कहा कि मैं खुश हूँ। मैंने दूसरों को प्रोत्साहित करने के लिए टीका लगवाया है, जिससे कि दूसरों को भी वैक्सीन का लाभ मिल सके।