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जम्मू: विधानसभा में हाथापाई, विधायक घायल

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जम्मू-कश्मीर विधान सभा और विधान परिषद में उस समय हालात बेकाबू हो गए जब विधायकों में आपस में हाथापाई शुरू हो गई। नेशनल कांफ्रेंस विधायक और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सदन में पॉवर प्रोजेक्ट्स का मामला उठाया।
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उमर ने कहा कि, भाजपा-पीडीपी साझा सरकार के कॉमन मीनिमम प्रोग्राम में कहा गया है कि केंद्र से पॉवर प्रोजेक्ट वापस लाए जाएंगे। उमर ने कहा, केंद्र सरकार संसद में यह पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि पॉवर प्रोजेक्ट किसी भी हाल में राज्य को वापस नहीं दिए जाएंगे।

इस मसले पर बहस बढ़ी और हालात बेकाबू हो गए। दो बार सदन की कार्रवाई को कुछ देर के लिए स्थिगित किया गया। लेकिन जब तीसरी बार सदन की कार्रवाई शुरू की गई तो हंगामा ज्यादा बढ़ गया।
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सीएमपी की शर्त थी पॉवर प्रोजेक्ट

नेकां विधायकों ने विधानसभा और विधान परिषद दोनों सदनों में जमकर हंगामा काटा। विधानसभा में हंगामे के दौरान विधायक अब्दुल मजीद भट्ट लारमी भाजपा और पीडीपी विधायकों से हाथापाई पर उतर आए तो मार्शल ने उन्हें सदन से बाहर करने के लिए पकड़ा।

इस दौरान मार्शल और लारमी की खींचतान में लारमी मामूली रूप से घायल भी हो गए। वहीं विधानपरिषद में भी नेकां सदस्यों ने जमकर हंगामा काटा।

बता दें कि जम्मू-कश्मीर में सरकार गठन से पहले भाजपा और पीडीपी के कॉमन मीनिमम प्रोग्राम में यह शर्त भी रखी गई थी कि केंद्र सरकार रियासत से वापस लिए गए उड़ी, दुलहती और सलाल पॉवर प्रोजेक्ट को राज्य सरकार को वापस करेगा।

सीएमपी के अन्य मुद्दों के अलावा यह भी एक अहम मुद्दा रहा था।
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इस बारे में कोई जानकारी नहीं: डिप्टी सीएम

मसले पर रियासत के डिप्टी सीएम निर्मल सिंह का कहना है क‌ि, केंद्रीय विद्युत मंत्री से बात की गई है अभी इस मसले पर हमारे पास कोई जानकारी नहीं है।

जिस समय सदन में हंगामा हुआ, उस समय सदन की कार्रवाई देखने के लिए कुछ स्कूली बच्चे भी पहुंचे थे। हंगामे के बाद बच्चों ने कहा, हमें यहां आकर निराशा हुई, जिन लोगों के हाथों में हमने सत्ता दी है वह इस तरह से लड़ रहे हैं जैसे स्कूली बच्चे हों।

एक छात्र ने कहा, सदन में हमारे पूर्व मुख्यमंत्री भी मौजूद थे, उन्हें विपक्ष को रोकना चाहिए था। पीडीपी प्रवक्ता नईम अखतर ने कहा, मुझे खेद है कि स्कूली बच्चे यहां से अच्‍छी बातें सीखकर नहीं जा रहे हैं।
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