नेकां के महासचिव अली मोहम्मद सागर ने कहा कि रियासत को कुछ सांप्रदायिक ताकतें मजहब और डिवीजन के नाम पर बांटने की कोशिश कर रही हैं। नेकां ऐसी ताकतों के खिलाफ हमेशा खड़ी रहेगी। कश्मीर के साथ जम्मू में भी एम्स बनना चाहिए। राज्य की गठबंधन सरकार अवाम के मसलों को हल करने में पूरी तरह से नाकाम रही है। पीडीपी और भाजपा ने गठबंधन सिर्फ सत्ता हासिल करने के लिए किया है।
उन्होंने कहा कि सरकार के मंत्रियों और प्रशासन में तालमेल का अभाव है। घाटी में टावरों पर हमले को लेकर भाजपा और पीडीपी के मंत्री विपक्ष को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं, जबकि पुलिस प्रशासन आतंकी संगठनों को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। दूसरे मुल्कों से बेहतर संबंध बनाने के लिए नेकां हमेशा प्रयासरत रही है। सरकार ने फसलों के मुआवजे पर 37 रुपये के चेक देकर प्रभावितों के साथ भद्दा मजाक किया है, जिससे अब सरकार 37 रुपये की सरकार बनकर रह गई है।
बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत और पुनर्वास कार्यों को गति नहीं दी गई। सत्ता में आने से पहले गठबंधन सरकार ने वर्ष 2011 की जनगणना के तहत राशन मुहैया करवाने के वादे किए थे, लेकिन आज हालात यह हैं कि लोगों को निर्धारित राशन भी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। अलगाववादी नेता सईद अली गिलानी के भारतीय लिखकर पासपोर्ट लेने के मामले पर सागर ने कहा कि पासपोर्ट और अन्य दूसरे मामलों में तय प्रक्रिया के तहत ही काम होना चाहिए। सरकार अपने ही फैसलों पर पीछे कदम खींच रही है, जिससे उसकी कमजोरियों का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है।
नेकां जल्द सदस्यता अभियान शुरू करेगी। भाजपा हिंदुस्तान की सरकार चला रही है, लिहाजा उसे पार्टी से ऊपर उठकर काम करना चाहिए। इस दौरान प्रांतीय अध्यक्ष देवेंद्र सिंह राणा, सुरजीत सिंह सलाथिया, अजय सडोत्रा आदि मौजूद रहे। इसके अलावा शेर-ए-कश्मीर भवन जम्मू में नेकां के एक दिवसीय अधिवेशन में जिला स्तर के मौजूदा हालात पर चर्चा की गई। इसमें पार्टी के पदाधिकारी शामिल हुए।