विश्वविद्यालय जम्मू की एकेडमिक काउंसिल की बैठक में कई अहम फैसलों पर मुहर लगाई गई। इसमें बीएड और एमएड कोर्सों 2015 में जस्टिस वर्मा आयोग और एनसीएफटीई की सिफारिशों पर स्टेटस, योजना और पाठ्यक्रम को मंजूरी दी गई। सिफारिशों में कोर्सों में संशोधन किया जाएगा। इसके अलावा सेल्फ फाइनेंसिंग मोड के तहत नेशनल स्टाक एक्सचेंज (एनएसई) के सहयोग से बैंकिंग एंड रिस्क मैनेजमेंट और अकाउंटिंग एंड फाइनेंस दो पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा कोर्स शुरू किए जाएंगे।
नए कोर्सों से विद्यार्थियों को अन्य विषयों में उज्ज्वल भविष्य बनाने का मौका मिल सकेगा। कुलपति प्रो. आरडी शर्मा की अध्यक्षता में हुई काउंसिल बैठक में विवि और मान्यता प्राप्त कालेजों से जुड़े तीस एजेंडों पर चर्चा की गई। बैठक में भद्रवाह कैंपस की परीक्षाओं और अवकाश के कैलेंडर को मंजूरी दी गई। लॉ फैकल्टी, डीन प्रो. अरविंद जसरोटिया को काउंसिल की ओर से सर्वसम्मति से यूनिवर्सिटी सिंडीकेट का सदस्य मनोनीत किया गया।
एमएससी बायोकेमिस्ट्री और एमएससी माइक्रोबायोलाजी प्रोग्रामों में विद्यार्थियों को राहत देते हुए अब स्वयं वार्षिक दो किस्तों में फीस जमा करवाई जा सकती है। कुलपति ने विभागीय अधिकारियों से विभिन्न अकादमिक मुद्दों पर चर्चा की। कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय जम्मू में विकास और उपलब्धियों को गति दी गई है। अकादमिक और अन्य दूसरे क्षेत्रों को मजबूत बनाने के लिए कई प्रस्तावों पर काम किया जा रहा है।
विभिन्न क्षेत्रों में नए कोर्स शुरू होने से विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा में वैकल्पिक मौके मिल सकेंगे। बैठक में विभिन्न विभागों से अधिकारियों में प्रो. नीलम सराफ, प्रो. पोश चाड़क, प्रो. नासिर ए राथर, प्रो. खुर्शीद ए भट्ट, प्रो. एमवाई शाह, प्रो, रुकैया, प्रो. मनोज कुमार धर आदि मौजूद रहे।