हुर्रियत अध्यक्ष सैयद अली शाह गिलानी के पासपोर्ट मुद्दे को लेकर उठे विवाद से अलगाववादी कश्मीर मुद्दे को एक बार फिर हवा देने की कोशिशों में जुटे हुए हैं। सारी जोड़तोड़ फिर से इस विवादित मसले की ओर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का ध्यान खींचने के लिए की जा रही है। अलगाववादियों का मानना है कि यह मुद्दा जितना लंबा खिंचेगा, उतना ही घाटी में भारत विरोधी अभियान को बल मिलेगा।
ताजा घटनाक्रम में केंद्र की भाजपा सरकार को कटघरे में खड़ा करने और कश्मीरियों की नजर में केंद्र सरकार को कश्मीर विरोधी करार देने के लिए पूरे मामले को तूल देने की कोशिश की जा रही है। बेटी से मिलने जाने के लिए गिलानी के पासपोर्ट को लेकर रियासत में सियासी हलचल तेज है। यहां से लेकर देशभर में पासपोर्ट जारी न करने के लिए आवाजें उठ रही हैं।
इन विवादों के बीच हालांकि, केंद्रीय गृह मंत्रालय स्पष्ट कर चुका है कि गिलानी को पासपोर्ट देने में मंत्रालय को किसी प्रकार की आपत्ति नहीं है बशर्ते वे सारी औपचारिकताएं पूरी करें। औपचारिकता पूरी होते ही आवेदन पर विचार किया जाएगा। उधर, गिलानी ने मीडिया से कहा है कि उन्होंने आनलाइन आवेदन किया है। नजरबंद होने के कारण वे पासपोर्ट कार्यालय बायोमीट्रिक्स की प्रक्रिया पूरी करने के लिए नहीं जा सके हैं।