प्रशांत लोखंडे संयुक्त सचिव (जम्मू, कश्मीर व लद्दाख) केंद्रीय गृह मंत्रालय के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर के तीन दिवसीय दौरे पर आई वरिष्ठ अधिकारियों की टीम ने मंगलवार पहले दिन उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्य सचिव डा. अरुण कुमार मेहता से मुलाकात कर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। इसमें प्रमुख रूप से सुरक्षा, विकास, पर्यटन, उद्योग, पीओजेके, कश्मीरी पंडितों आदि मुद्दों पर बात की गई। घाटी में हाल ही में हुई लक्षित हत्याओं पर बात की गई।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश पर भेजी गई उच्च स्तरीय टीम जम्मू कश्मीर के विभिन्न क्षेत्रों में विकास की समीक्षा कर रही है। राजभवन में उपराज्यपाल से मुलाकात के दौरान सदस्यों ने जम्मू कश्मीर की मौजूदा सुरक्षा और विकास पर बात की। इसमें बताया गया कि अल्पसंख्यकों सहित अन्य वर्ग के लोगों की सुरक्षा को पुख्ता बनाया गया है। आतंकवाद पारिस्थितिकी तंत्र पर नकेल कसने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जानकारी दी गई। टीम में एमएचए के सुरक्षा निदेशक मौजूद रहे।
इसी तरह सचिवालय में मुख्य सचिव से मुलाकात में जम्मू कश्मीर में कार्यान्वित केंद्रीय प्रायोजित योजनाओं की जानकारी देने के साथ उसकी प्रगति की समीक्षा की गई। इसके अलावा पर्यटन, उद्योग और राजस्व के उच्चाधिकारियों से संबंधित क्षेत्रों के बारे में जानकारी ली गई। टीम के सदस्यों ने विद्युत, उद्योग, पर्यटन, कश्मीरी पंडित, प्रधानमंत्री विकास पैकेज, पीओजेके आदि संबंधित मुद्दों की प्रगति की समीक्षा की। गौरतलब रहे कि टीम के सदस्य बुधवार को गृह मंत्रालय जम्मू कश्मीर के उच्चाधिकारियों के साथ सुरक्षा सहित अन्य मुद्दों पर बात करेंगे। इसमें अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) आरके गोयल, पुलिस महानिदेशक डीजीपी दिलबाग सिंह आदि शामिल होंगे।
हाल ही में जम्मू कश्मीर के कुछ जिलों में सेना के चरणबद्ध प्रतिस्थापन और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के साथ इसके प्रतिस्थापन पर चर्चा करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा नई दिल्ली में एक उच्च स्तरीय बैठक की थी। हालांकि, जम्मू कश्मीर प्रशासन के साथ गृह मंत्रालय की टीम की बैठक में इस मुद्दे के उठने की संभावना नहीं है। केंद्रीय टीम दो मार्च को नई दिल्ली में लौटकर केंद्रीय गृह मंत्री को विस्तृत रिपोर्ट देगी।