मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने पढ़े लिखे युवाओं की बढ़ती फौज और बेरोजगारी को आज सबसे बड़ी चुनौती करार दिया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक-निजी भागीदारी के फार्मूले से ही इस चुनौती से मुकाबला किया जा सकता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कौशल विकास कार्यक्रम की तर्ज पर राज्य में भी कौशल विकास और उद्यमिता मिशन को मंजूरी दी गई है। निश्चित रूप से इसके बेहतर परिणाम सामने आएंगे।
उन्होंने जर्मनी मॉडल का उदाहरण पेश करते हुए कहा कि इस आधार पर बेरोजगारी दूर करने की कोशिश होनी चाहिए। कहा कि जर्मनी कौशल एवं उद्यमिता विकास के बल पर ही पूरे यूपोपीय व्यवस्था के लिए इंजन के रूप में काम कर रहा है।