कश्मीर में असहज शांति का माहौल बना हुआ है, शनिवार को एक युवक की मौत की घटना के विरोध में प्रदर्शन की योजनाओं को नाकाम करने के लिए प्रशासन ने सैयद अली शाह गिलानी और मीरवाइज उमर फारूक सहित कई अलगाववादी नेताओं को नजरबंद कर दिया है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मीरवाइज को शनिवार को सुबह नजरबंद किया गया और गिलानी की नजरबंदी का रविवार को तीसरा दिन है। उन्होंने बताया कि इन अलगाववादी नेताओं को दोपहर में रेजीडेन्सी रोड पर प्रदर्शन का नेतृत्व करने से रोकने के लिए उनके आवास के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस कर्मी तैनात किये गए हैं।
पुलवामा जिले के त्राल इलाके में सोमवार को सेना के एक अभियान में दो युवक मारे गए थे। इस घटना के विरोध में कल बडगाम जिले के नरबल में प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा बलों के गोली चलाने से सुहैल अहमद सोफी नामक युवक मारा गया और दो अन्य युवक घायल हो गए।
लाल चौक के आसपास ज्यादातर दुकानें बंद
मीरवाइज और गिलानी ने सोफी के मारे जाने की घटना के विरोध में बडगाम जिले में बंद का आह्वान किया था।गिलानी ने विरोध जताने के लिए अलगाववादी नेताओं से आज दोपहर दो बजे लाल चौक स्थित प्रताप पार्क में एकत्र होने की अपील की थी।
सोफी के मारे जाने की घटना के सिलसिले में एक अधिकारी सहित दो पुलिस कर्मियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि संबद्ध पुलिस थाने के थाना प्रभारी को अटैच कर दिया गया है।
अलगाववादियों ने हालांकि जम्मू कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी में हड़ताल का आह्वान नहीं किया है लेकिन लाल चौक के आसपास ज्यादातर दुकानें कानून और व्यवस्था की समस्या की आशंका के चलते बंद रहीं।
इस स्थिति का साप्ताहिक बाजार पर भी असर पड़ा। कुछ दुकानदारों ने अपनी दुकानें सुबह खोलीं लेकिन दोपहर से कुछ पहले बारिश की वजह से उन्हें दुकानें बंद करनी पड़ी।
इस बीच, पुलिस के एक प्रवक्ता ने आज बताया कि पुलिस महानिदेशक के राजेंद्र कुमार ने पुलिस, सीआरपीएफ और खुफिया अधिकारियों की कल रात एक उच्च स्तरीय बैठक बुला कर घाटी में कानून व्यवस्था की स्थिति का जायजा लिया।
पीड़ित के परिवार को न्याय दिया जाएगा
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, कुमार ने घटना के सभी तथ्यों पर गौर करते हुए इस बात पर जोर दिया कि पीड़ित के परिवार को न्याय दिया जाएगा। प्रवक्ता के अनुसार कुमार ने घटना पर अफसोस जाहिर किया और मृतक के परिवार वालों के प्रति संवेदना जताई।
उन्होंने यह भी बताया कि डीजीपी ने बैठक में मौजूद सभी अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इसके अलावा, प्रवक्ता ने बताया कि डीजीपी ने अधिकारियों से कानून व्यवस्था की स्थिति से निपटते हुए स्टैंर्डड ऑपरेशन प्रक्रियाओं (एसओपी) का कड़ाई से पालन करने को कहा।
प्रवक्ता ने बताया कि बैठक में कानून व्यवस्था बनाए रखना सुनिश्चित करने के लिए उठाए जाने वाले कदमों पर चर्चा हुई और यह भी कहा गया कि स्थिति को नकारात्मक परिणाम की स्थिति आने तक बिगड़ने नहीं देना चाहिए।
उन्होंने बताया कि डीजीपी ने सभी बलों को पूरे उत्साह और पूर्ण पेशेवराना तरीके से काम करने को कहा ताकि शांतिपूर्ण स्थिति सुनिश्चित की जा सके। प्रवक्ता के अनुसार, उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण माहौल खराब करने की किसी को भी अनुमति नहीं दी जाएगी और ऐसे मामलों में कानून अपना काम करेगा।