प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरएस जैन ने उधमपुर के बिरमा क्षेत्र में हुए कार बम धमाके के आरोपी व लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी अब्दुल मजीद (निवासी बहरनोट, थन्ना मंडी, राजोरी) को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही जुर्माना भी लगाया है।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने पाया कि दो मई 2011 को बिरमा पुल पर कार में किया गया विस्फोट सुनियोजित था। इस हमले में सेना के मेजर जनरल दीपक पठानिया की कार क्षतिग्रस्त हो गई थी और वह बाल-बाल बचे थे। जबकि एक दूधवाले कुलदीप कुमार की मौत हो गई थी। छह अन्य लोग घायल हो गए थे।
प्रधान न्यायाधीश आर एस जैन ने पाया कि अब्दुल मजीद के खिलाफ अन्य कोई आपराधिक मामला नहीं है और उसकी उम्र भी 63 साल के करीब है। अदालत के समक्ष पेश किए गए सबूतों को देखने के बाद पाया गया कि यह दुर्लभ केसों के श्रेणी में नहीं आता है।