भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर संघर्ष विराम को बीते दो वर्ष, पटरी पर लौटी ग्रामीणों की जिंदगी
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर दोनों देशों के मध्य हुए संघर्ष विराम को दो वर्ष पूरे हो गए हैं। इस दौरान सीमावर्ती गावों के लोगों ने जिंदगी में कुछ अच्छे पल देखे हैं। उन्होंने जहां नए मकानों का निर्माण किया, वहीं सीमा के निकट भूमि पर खेती भी शुरू की है।
सीमावर्ती गांव रीगाल के पुरख सिंह, चचवाल के किसान पृथि सिंह, मंगुचक के किसान बलबीर सिंह, हंस राज, आदि ने बताया कि संघर्ष विराम के चलते उन्हें कोई चिंता नहीं रहती। पहले गोलीबारी के डर से चिंतित रहते थे। पता नहीं कब पाकिस्तानी रेंजर गोली चला दें। लेकिन, अब वे बिना डर के खेतों में काम करते हैं। सीमावर्ती गावों में लोग नए मकान बना रहे हैं। हालांकि, सरकार ने गावों में बंकरों का भी निर्माण करवाया है। छिटपुट ड्रोन की घटनाओं को छोड़ कर सीमा पर शांति बनी हुई है।