सुरक्षा की दृष्टि से अति संवेदनशील जम्मू के टेक्निकल एयरपोर्ट में घुसने की फिराक में घूम रहे दो संदिग्ध लोगों को सुरक्षाबलों ने रविवार सुबह पांच बजे गिरफ्तार किया है। आशंका है कि दोनों नाले के रास्ते एयरपोर्ट में दाखिल होने की कोशिश कर रहे थे। इनकी पहचान राजस्थान निवासी रविंद्र लाल निवासी (55) और पश्चिम बंगाल निवासी कवि छेत्री (30) के रूप में हुई है। हालांकि जांच के दौरान इनसे कोई आपत्तिजनक वस्तु नहीं मिली है।
एयरफोर्स के जवानों ने दोनों को हिरासत में लेकर प्राथमिक पूछताछ के बाद सतवारी पुलिस के हवाले कर दिया। सुरक्षा एजेंसियां व पुलिस इनसे पूछताछ कर रही है कि वे किस इरादे से हवाई अड्डे के पास घूम रहे थे। इस घटना के बाद एयरपोर्ट तथा आसपास के इलाकों में सुरक्षा और बढ़ा दी गई है।
रविवार सुबह एयरपोर्ट गेट पर तैनात एयरफोर्स जवान ने नाले में संदिग्ध हलचल देखी, जिसके बाद उसने क्विक एक्शन टीम (क्यूआरटी) को सूचना दी। सूचना के तुरंत बाद मौके पर पहुंची टीम ने नाले में संदिग्ध हालत में घूम रहे दो लोगों को पकड़ लिया। एयरफोर्स अधिकारियों ने प्राथमिक जांच के बाद दोनों को सतवारी पुलिस के हवाले कर दिया।
संदिग्धों के पकड़े जाने की सूचना पर अन्य सुरक्षा एजेंसियां भी मौके पर पहुंच गईं। उन्होंने भी पूरे इलाके का मुआयना किया और संदिग्धों से पूछताछ की। सतवारी थाने के एसएचओ समीर गिलानी ने बताया कि शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि दोनों की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है।
सोमवार को दोनों की मेडिकल जांच होगी, जिसमें पता चलेगा की क्या ये नियमित रूप से ड्रग्स का सेवन तो नहीं करते हैं। बता दें कि बीते साल जून महीने में एयरपोर्ट पर ड्रोन से हमला हो चुका है। इसके बाद एयरपोर्ट पर ड्रोन से निपटने के प्रबंध किए गए हैं।
तीन दिन पहले भी फर्जी टिकट, आधार के साथ पकड़े थे 3 लोग
हाल ही में दस फरवरी को जम्मू एयरपोर्ट से लद्दाख जा रहे तीन लोगों को सीआईएसएफ ने फर्जी टिकट और आधार कार्ड के साथ गिरफ्तार किया था। तीनों डोडा जिला के रहने वाले हैं। तीनों सतवारी पुलिस की हिरासत में हैं, पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। उनकी पहचान डोडा के कुल्हांड के रहने वाले मोहम्मद रफी, कोटली के यासीर हुसैन और परमिंदर कुमार के रूप में हुई है।
एयरबेस स्टेशन पर हुआ था हमला
जम्मू वायु सेना स्टेशन पर पिछले वर्ष जून में ड्रोन से हमला किया गया था। इसमें दो जवान मामूली रूप से घायल हुए थे। मामले की गंभीरता देखते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को मामले की जांच सौंप दी गई थी। इसके अलावा वायु सेना भी इस घटना की जांच में जुटी है।