उत्तरी कश्मीर के सोपोर के तारज़ू के गुरगुरसीर इलाके से पुलिस ने वीरवार को लश्कर-ए-ताइबा के दो हाइब्रिड आतंकवादियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे दो पिस्तौल व 5 कारतूस बरामद किए गए हैं। इनकी शिनाख्त अरिहाल पुलवामा के मुजम्मिल रशीद मीर और पिंजुरा शोपियां निवासी फैजान अहमद पॉल के रूप में हुई है।
उप राज्यपाल ने कहा कि आतंकवादी, उनके समर्थक और यहां समर्यक नए तरीकों का उपयोग कर रहे हैं। वे युवाओं को कट्टर बना रहे हैं। इस नई रणनीति और बहुआयामी आतंकवाद को देखते हुए पहले की तुलना में हमें ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है।
उन्होंने पुलिस बल से कहा कि वह आतंकवादियों को समर्थन और उनको आश्रय देने वालों के साथ भी उसी तरह व्यवहार करे जैसे वह आतंकियों के साथ करती है। क्योंकि जो व्यक्ति आतंकी को पनाह देता है और उसका समर्थन करता है, वह उतना ही दोषी है जितना कि एक आतंकवादी, जो निर्दोष लोगों की जान लेते हैं।
इस पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़ा हर व्यक्ति बराबर का जिम्मेदार है। दोनों को समान सजा दी जानी चाहिए क्योंकि दोनों मानवता के दुश्मन हैं। उन्होंने कहा, आतंकवाद के खिलाफ लगातार हो रहे ऑपरेशन, कानून व्यवस्था की स्थापना, ड्रोन खतरे, साइबर अपराध, कट्टरवाद आदि कई चुनौतियां आने वाले समय में आपके सामने आएंगी।
उन पर कामयाबी पाना पुलिस का एकमात्र लक्ष्य होना चाहिए। प्रशिक्षण पूरा करने वाले प्रोबेशनर डीएसपी और सब इंस्पेक्टरों से एलजी ने कहा, अपराधी सामान्य हो या आतंकवादी उससे दो कदम आगे रहना आपकी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
लक्षित हत्याओं में परिजनों को खोने वालों के परिवारों को आश्वस्त करते हुए एलजी ने कहा कि उनके हत्यारों को जल्द ही न्याय के कटघरे में लाया जाएगा। कहा, मैं शहीदों के परिवारों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि आपके एक-एक आंसू का बदला लिया जाएगा। इस दौरान उन्होंने बारामुला के सिपाही मुदस्सिर की शहादत को भी याद किया।कहा, सुरक्षा बल तब तक चैन से नहीं बैठेंगे जब तक वे निर्दोष लोगों की हत्या करने वालों में से प्रत्येक का सफाया नहीं कर देते।