सुंदरबनी में बरामद करोड़ों रुपये की हेरोइन पुंछ से लाई गई थी। यह हेरोइन 35 लाख देकर लाई गई थी। पकड़े गए दोनों तस्करों से पूछताछ के बाद पुलिस ने मंगलवार को पुंछ में एलओसी के नजदीक एक गांव में दबिश दी। यहां से पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया है। इनमें से एक के घर पर छापा मारा, जहां से स्कूटी और इको कार जब्त की।
बता दें कि पंजाब के गुरदासपुर के रहने वाले ओंकार सिंह और शमशेर सिंह को सुंदरबनी के पास 1 जून की रात टवेरा कार (जेके01एबी 5470) से 25 किलो हेरोइन के साथ दबोचा गया था। पूछताछ में इन तस्करों ने बताया था कि पुंछ एलओसी के नजदीक बगयालदरा गांव के रहने वाले शकरदीन से यह हेरोइन ली थी।
इस जानकारी के बाद राजोरी पुलिस ने मंगलवार देर शाम को पुंछ जिले के भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेखा पर फेंसिंग के आगे स्थित बगयालदरा से दो लोगों को पूछताछ के लिए उठाया। इन्हें देर शाम को राजोरी पुलिस अपने साथ लेकर चली गई। पुलिस ने शकरदीन और उसके एक साथी हमीद को हिरासत में लिया है।
पंजाब पुलिस से मांगा रिकार्ड
सूत्रें का कहना है कि राजोरी पुलिस ने पंजाब की गुरदासपुर जिला पुलिस से दोनों आरोपियों से संबंधित जानकारी मांगी है। यह देखा जा रहा है कि इनका पूर्व में नशा तस्करी को लेकर कोई रिकार्ड है या नहीं। हालांकि ऐसा बताया जा रहा है कि यह दोनों पहले भी नशा तस्करी में संलिप्त रहे हैं। इनके खिलाफ पंजाब में जांच चल रही है।
राजोरी-पुंछ में नशा तस्करी का नेटवर्क मंजूर के पीओके से चलाने का शक
एक तरफ जहां राजोरी-पुंछ में मौजूद आतंकी पकड़ में नहीं आ रहे, वहीं कुख्यात नशा तस्कर मंजूर अहमद भी हत्थे नहीं चढ़ रहा है। मंजूर अहमद नौशेरा के एलओसी स्थित गांव सरयाह का रहने वाला है।
11 सितंबर 2021 में सेना ने जब मंजूर अहमद को रोकना चाहा, तो वह एक साथी के साथ 1.64 करोड़ रुपये की नकदी से भरा बैग फेंक कर भाग गया। आशंका है कि मंजूर अहमद अपने साथी के साथ पीओके चला गया है, जहां से वह नशा तस्करी का नेटवर्क चला रहा है। दो साल से उसका अता पता नहीं है। सूत्रों का कहना है कि मंजूर पीओके में है। वह वहां बैठकर पंजाब में मौजूद नशा तस्करों के साथ मिलकर काम कर रहा है। पंजाब के तस्करों का मंजूर के भाई सिकंदर से लगातार संपर्क में रहा है।
भाई को पंजाब पुलिस ने पकड़ा, नौशेरा से फरार
बता दें कि मंजूर अहमद के भाई सिकंदर हयात को पंजाब पुलिस ने पकड़ा था। सिकंदर के घर से 29 लाख रुपये की नकदी बरामद हुई थी। वह भी नशा तस्करी में पकड़ा गया था। अभी कुछ दिन पहले ही सिकंदर को नौशेरा लाया गया था। वह पुलिस को चकमा देकर नौशेरा थाने से फरार हो गया।