यूक्रेन से लौटी छात्रा से मिलते परिजन
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खुशकिस्मत हूं जो युद्ध से पहले यहां आ गई: मुस्कान
यूक्रेन में युद्ध शुरू होने से पहले से आखिरी फ्लाइट से भारत पहुंचीं कठुआ की मुस्कान महाजन ने खुद को खुशनसीब बताया है। कहा कि वे जैसे ही भारत में पहुंची, उन्हें यूक्रेन में रूसी हमले की जानकारी मिली। जब तक वे यूक्रेन में थे, हालात सामान्य थे। कहा कि भारत सरकार को अन्य छात्रों की मदद करनी चाहिए। कठिन परिस्थितियों में फंसे बेटे से बातचीत के बाद शहर के प्रताप नगर निवासी ममता चौहान और एडवोकेट रंजन चौहान परेशान हैं। अब उन्हें भारत सरकार से उम्मीद है कि उनके बेटे को सही सलामत भारत लाया जाएगा। अनिरुद्ध के पिता एडवोकेट रंजन चौहान ने बताया कि खारकीव शहर से अनिरुद्ध और अन्य भारतीयों को निकालने के जल्द से जल्द प्रबंध सरकार को करनी चाहिए।
यूक्रेन में फंसे श्रीनगर के मेडिकल स्टूडेंट दानिश रसूल से फोन पर बात करते परिवार वाले।
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हालात काफी खराब और तनाव का मौहाल
श्रीनगर के बाहरी क्षेत्र अथवाजन का दानिश रसूल यूक्रेन की ओडेसा नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में मेडिकल की पढ़ाई कर रहा है। उसका पांचवां साल है। दानिश के पिता गुलाम रसूल शेख ने कहा कि जैसे ही उन्होंने टीवी में यूक्रेन पर रूसी हमले की खबर देखी तो बेटे की सुरक्षा को लेकर चिंता काफी बढ़ गई है। रसूल ने बताया कि उनके बेटे ने बताया कि वहां माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया है। उसके साथ और भी कश्मीरी छात्र हैं, जो यहां फंसे हुए हैं। रसूल ने केंद्र सरकार से अपील की कि वह वहां फंसे भारतीय छात्रों की घर वापसी में मदद करें। दानिश की बहन भी अपने भाई को लेकर काफी चिंतित है। यूक्रेन के ओडेसा में फंसे दानिश रसूल ने फोन पर अमर उजाला के साथ विशेष बातचीत में कहा कि वह वहां मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं और उनका पांचवां साल है। दानिश ने बताया कि ओडेसा नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में करीब 15 कश्मीरी छात्र हैं जो यहां फंसेे हुए हैं। दानिश ने बताया कि यहां काफी हालात खराब हैं और तनाव का माहौल है।
यूक्रेन से रवाना होने से पहले भारतीय विद्यार्थी।
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कश्मीर और पुंछ के 16 छात्र भी यूक्रेन में फंसे हुए हैं। सभी वहां मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं। इनमें 15 छात्र कश्मीर और एक मेंढर का है। मेंढर का नासिम चौधरी युद्ध के हालात में भी अपने परिजनों को हौसला दे रहा है। कहा- कि आप चिंता न करें, अल्लाह सब ठीक करेगा। नासिम ने पिता से बात करते हुए वहां के हालात बताए। कहा, यूक्रेन में सभी एटीएम बंद हो गए हैं। उनके पास दो से तीन दिन का ही खाने पीने का सामान मौजूद है। यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे श्रीनगर के दानिश ने बताया कि यहां काफी हालात खराब हैं और तनाव का माहौल है। उसके साथ करीब 14 और कश्मीरी छात्र हैं। सभी एक साथ हैं। उधर रूस के हमले के बाद छात्रों के जम्मू-कश्मीर में मौजूद परिजनों में उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। उन्होंने केंद्र सरकार से बेटों की सुरक्षित वापसी की गुहार लगाई है।
यूक्रेन से लौटते हिमाचल व अन्य राज्यों के विद्याथी।
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मेंढर के गांव पराटां निवासी नासिम चौधरी लाइवली मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस तीसरे सेमेस्टर की पढ़ाई कर रहा है। नासिम के पिता मोहम्मद अजीज चौधरी पुलिस से सेवानिवृत्त हैं और वर्तमान में जम्मू में रह रहे हैं। वह वीरवार देर शाम दिल्ली रवाना होने की तैयारी कर रहे थे। मोहम्मद अजीज चौधरी ने फोन पर बात करते हुए बताया कि हम लोग कल रात से जाग रहे हैं और जब से टीवी पर यूक्रेन पर रूस के हमले की खबरें मिली हैं, हमारी चिंता और बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि बुधवार रात आठ बजे बेटे से बात हुई थी। युद्ध के हालात से वह भी परेशान हैं, लेकिन हमें हौसला दे रहा था कि आप चिंता न करें, अल्लाह सब ठीक करेगा। नासिम ने बताया कि यूक्रेन के सभी एटीएम भी बंद हो गए हैं। उनके पास दो से तीन दिन का ही खाने पीने का सामान मौजूद है। अजीज ने बताया कि इसके बाद उनकी बेटे से बात नहीं हो पाई। गांव पराटां में रहने वाले नासिम के रिश्तेदार भी उसकी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।