बडगाम मामले में युवकों की मौत के मामले में सेना ने अपनी गलती मानी है। नार्दन कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल डीएस हुड्डा ने गलती स्वीकारते हुए कहा कि युवकों को गोली गलती से लगी।
सेना इस मामले की निष्पक्ष जांच कराएगी। वहीं सेना ने घटना में जान गंवाने वाले युवकों के परिजनों को दस-दस लाख रुपए मुआवजे का ऐलान किया है।
बताते चलें कि बीते सोमवार को सेना की राष्ट्रीय रायफल ने सफेद कार में आतंकवादियों के होने की सूचना पर सफेद रंग की मारुति पर फायरिंग कर दी। घटना में दो युवकों की मौत हो गई थी जबकि दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
नार्दन कमांड के मुखिया ने माना गलती से हुई फायरिंग
बाद में मारे गए युवकों की पहचान हुई तो वे निर्दोष निकले। युवकों की मौत के बाद से ही घाटी का माहौल काफी तल्ख बना हुआ है। युवकों की मौत के विरोध में दो दिन कश्मीर में बंद के हालात रहे। वहीं इसके विरोध में सीआरपीएफ कैंप पर भी हमला किया गया था।
वहीं घटना को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर भी तीखी प्रतिक्रिया हुई थी। केन्द्र ने जहां मामले में राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी थी वहीं, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मामले पर स्वतः संज्ञान लेते हुए रक्षा मंत्रालय और राज्य सरकार से रिपोर्ट तलब की थी।
इसके बाद ही सेना की राष्ट्रीय रायफल की पूरी टुकडी को बडगाम से हटा दिया गया था। वहीं घटना के कई दिन बीतने के बाद अब सेना ने गलती स्वीकार करते हुए कहा कि सेना से इस मामले में चूक हो गई।
मृतकों के परिजनों को 10, घायलों को 5-5 लाख
उधमपुर स्थित नार्दन कमांड के मुखिया लेफ्टिनेंट जनरल डीएस हुड्डा ने एजेंसी से बात करते हुए कहा कि यह हादसा भूलवश हुआ। सेना को इसके लिए गहरा अफसोस है। हुड्डा के अनुसार सेना की आरआर यूनिट को इस बात की पुख्ता सूचना मिली थी कि सफेद रंग की कार में आतंकवादी किसी बड़ी वारदात को करने की फिराक में हैं।
इसके बाद से ही लगातार चेकिंग की जा रही थी। उसी गलती में जवानों ने सफेद मारुति पर गोलियों चला दी। जिसमें बेगुनाह युवकों की मौत्ा हो गई। हुड्डा ने भरोसा दिलाया मामले में निष्पक्ष जांच की जा रही है।
दोषियों को किसी कीमत पर भी बख्शा नहीं जाएगा। वहीं उन्होंने सेना की ओर से मृतकों के परिजनों को दस-दस लाख रुपये और घायल हुए दोनों युवकों को पांच पांच लाख रुपये देने की घोषणा की। बता दें कि घायल युवकों को इलाज सेना के ही श्रीनगर स्थित अस्पताल में चल रहा है।