परिवहन मंत्री अब्दुल गनी कोहली पर सरकारी जमीन पर कब्जा करने के लगे आरोपों पर विजिलेंस रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को रिपोर्ट पर अपना जवाब देने को कहा है।
हाईकोर्ट की खंडपीठ ने रिपोर्ट पर गौर करने और मामले की सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ता अंकुर शर्मा को कहा कि सात जुलाई के आदेशानुसार विजिलेंस की ओर से पेश की गई रिपोर्ट पर यदि उन्हें कोई आपत्ति है तो वह दो सप्ताह के अंदर अपना पक्ष अदालत में पेश करें।
जनहित याचिका में मंत्री पर लगे आरोपों की जांच करने के बाद विजिलेंस ने रिपोर्ट में कहा कि उन्होंने नवाबाद (सुजवां) में वन विभाग की दस कनाल जमीन पर अवैध कब्जा किया और उस पर शिक्षण संस्थान स्थापित किया है।
रिपोर्ट में कहा गया कि हालांकि इस मामले में राजस्व और स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से कुछ बिंदुओं पर सहयोग नहीं किया गया।
जांच के दौरान रिपोर्ट में कहा गया कि बीएन एजूकेशनल ट्रस्ट की आठ कनाल नौ मरला जमीन की सेल डीड, बिल्डिंग प्लान के कागजात व अन्य रिपोर्ट के कागजों को कब्जे में लेकर जांच की गई।
जांच में पता चला कि ईटीटी कालेजों के संचालकों और स्कूल एजूकेशन बोर्ड के कुछ अधिकारियों के खिलाफ ईटीटी मामले में क्राइम ब्रांच की ओर से दायर केस में बीएन एजूकेशनल ट्रस्ट के कागजात भी जब्त किए गए हैं।
विजिलेंस रिपोर्ट में कहा गया कि वन विभाग के रिकार्ड के अनुसार उक्त जमीन का रखरखाव रेवेन्यू विंग (वन विभाग) की ओर से किया जा रहा है।
राजस्व प्राधिकारी के असहयोग के संबंध में रिपोर्ट में कहा गया कि जमीन की निशानदेही के संबंध में विभाग से संपर्क किया गया, लेकिन अभी भी उनकी सूचना का इंतजार है।
उक्त जमीन पर चलने वाली ईटीटी कालेज, बीएन स्कूल और पैरा मेडिकल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट को जारी अनुमति/एनओसी के संबंध में बोर्ड आफ स्कूल एजूकेशन के चेयरमैन व डायरेक्टर स्वास्थ्य विभाग से संपर्क किया गया।
उनका कहना था कि ईटीटी मामले में दर्ज केस के कारण सभी रिकार्ड क्राइम ब्रांच के पास हैं। उक्त जमीन पर चलने वाले कई शिक्षण संस्थानों की जांच जारी है।