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ये नया जम्मू-कश्मीर है: देशद्रोहियों और पत्थरबाजों को ना पासपोर्ट मिलेगा ना सरकारी नौकरी, आदेश जारी

Sun, 01 Aug 2021 01:10 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू

सार

प्रदेश में देशद्रोहियों और पत्थरबाजों के खिलाफ सरकार ने सख्त रुख अख्तियार किया है। ऐसे तत्वों को अब पासपोर्ट सेवा और सरकारी नौकरी से वंचित रखा जाएगा।
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पत्थरबाजी - फोटो : अमर उजाला, फाइल फोटो
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विस्तार
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जम्मू-कश्मीर में पत्थरबाजों को अब सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी। ना ही पासपोर्ट के लिए उन्हें अनापत्ति प्रमाणपत्र मिलेगा। जम्मू-कश्मीर पुलिस की सीआईडी इकाई ने पत्थरबाजी या विध्वंसक गतिविधियों में शामिल उन सभी लोगों को पासपोर्ट और सरकारी नौकरी के लिए जरूरी सुरक्षा अनापत्ति पत्र नहीं देने का आदेश दिया है। भाजपा ने देश विरोधी तत्वों को सुरक्षा अनापत्ति न देने के फैसले का स्वागत किया है। 

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कश्मीर में सीआईडी की विशेष शाखा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने आदेश जारी किया है कि पासपोर्ट और सरकारी नौकरी अथवा अन्य सरकारी योजनाओं हेतु सत्यापन के दौरान व्यक्ति की कानून-व्यवस्था उल्लघंन, पत्थरबाजी के मामलों और राज्य में सुरक्षा बलों के खिलाफ अन्य आपराधिक गतिविधियों में संलिप्तता की विशेष तौर पर जांच हो। ऐसे मामलों का मिलान स्थानीय थाने में मौजूद रिकॉर्ड से किया जाना चाहिए। आदेश में कहा गया है कि इस तरह के सत्यापन के दौरान पुलिस, सुरक्षाबलों और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के पास मौजूद डिजिटल सबूतों जैसे सीसीटीवी फुटेज, फोटोग्राफ, वीडियो और ऑडियो क्लिप को भी संज्ञान में लिया जाना चाहिए। एसएसपी ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति ऐसे मामलों में संलिप्त पाया जाता है तो उसको सुरक्षा मंजूरी देने से इनकार किया जाना चाहिए। उन्होंने अपने अधीन सभी क्षेत्र यूनिटों को इस आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा है। 




भाजपा ने फैसले का किया स्वागत, कहा-देशविरोधी शक्तियों के लिए बड़ा झटका 

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र रैना ने प्रशासन के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह बड़ा कदम है। यह उन लोगों को बड़ा झटका है जो देश के खिलाफ साजिश करते हैं और जवाबदेही से बचने के लिए विदेश भाग जाते हैं। जम्मू-कश्मीर में कुछ देशविरोधी शक्तियां हैं जो आतंकवाद तथा पाकिस्तान की समर्थक हैं। वे देश से भागने के लिए पासपोर्ट का इस्तेमाल करते हैं। इसके अलावा सरकारी नौकरियां भी पा जाते हैं और विकास से जुड़े ठेके लेने में भी सफल हो जाते हैं। नए आदेश से अब उन्हें सुरक्षा अनापत्ति नहीं मिल सकेगा। उप-राज्यपाल प्रशासन ने देश हित में यह बड़ा फैसला लेकर देशविरोधी ताकतों को बड़ा झटका दिया है।

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