कश्मीर घाटी में आने वाले पर्यटकों के लिए जम्मू-कश्मीर गाइड का काम करेगी। इसके लिए साढ़े तीन सौ लोगों को चुना गया है, जो पुलिस विभाग में बतौर एसपीओ रहेंगे। अस्थायी तौर पर चुने गए लोगों को पर्यटन विभाग और पुलिस मिलकर वेतन देगी।
राज्य सरकार ने पर्यटकों की सहायता के लिए टूरिस्ट असिस्टेंट ग्रुप बनाने के लिए मंजूरी दी है। चार जिलों में इनका चयन किया गया है। घाटी में बाढ़ जैसी स्थिति की आशंकाओं के बीच इस ग्रुप को सहायक माना जा रहा है। 344 लोगों को इस ग्रुप के लिए चुना गया है।
श्रीनगर, अनंतनाग, गांदरबल और बारामुला जिलों में इन ग्रुप को लगाया जाएगा। शामिल किए गए लोग भी उक्त जिलों से ही चुने गए हैं, क्योंकि उन्हीं लोगों को चुना गया है, जो अपने क्षेत्र से पूरी तरह वाकिफ हैं और पढ़े-लिखे हैं। श्रीनगर से 150, अनंतनाग से 134, गांदरबल से 30 और बारामुला से भी 30 लोग चुने गए हैं।
आईजीपी कश्मीर जेएम जिलानी का कहना है कि विभाग ने साढ़े तीन सौ लोगों को बतौर टूरिस्ट असिस्टेंट ग्रुप में शामिल किया है। ग्रुप पर्यटकों को सहायता प्रदान करेगा। घाटी में आने वाले पर्यटकों की मदद करने के साथ उनको क्षेत्रों के बारे जानकारी देंगे। जिलानी ने साफ किया कि ग्रुप सिर्फ पर्यटकों की सहायता करेगा।
उल्लेखनीय है कि ग्रुप में शामिल किए गए लोग घाटी में आने वाले पर्यटकों को बाढ़ जैसी आपदाओं से बचाने और उनके घूमने-फिरने में सहायता करेंगे, ताकि उन्हें किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो। पिछले एक दो साल से घाटी में पर्यटन व्यवसाय काफी प्रभावित हुआ है। ऐसे में पर्यटन को फिर से नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के हर तरह के प्रयास किए जा रहे हैं।