कश्मीर में लश्कर-ए-तैयबा की शह पर स्कूलों को निशाना बनाया जा रहा है। उपद्रवियों के गुट सरकारी भवनों को भी आग के हवाले कर रहे हैं। लेकिन, सबसे अधिक नुकसान स्कूलों को पहुंचाया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों ने स्कूलों को आग के हवाले किए जाने के मामले में तहरीक-ए हुर्रियत नामक नए संगठन की पहचान की है।
इसमें लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन के ओवर ग्राउंड वर्कर शामिल हैं। कश्मीर में सामान्य हो रहे हालात से आतंकी संगठन बौखला गए हैं। स्कूलों में पढ़ाई सामान्य तरीके से शुरू हो जाने पर अलगाववादियों की अपील और आतंकियों की साजिश बेअसर हो रही है। लिहाजा, स्कूल भवनों को राख कर आतंक का माहौल बनाने की कोशिश हो रही है।
अब तक दो दर्जन से अधिक स्कूल आगजनी की भेंट चढ़ चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को स्कूलों में पठन-पाठन शुरू करने के लिए तुंरत पहल करने के निर्देश दिए थे। उसके बाद से स्कूलों पर हमले और बढ़ गए हैं।लश्कर ने स्कूलों को खोलने की कोशिश पर शिक्षा मंत्री नईम अख्तर को धमकी भी दी थी। लश्कर अब नए नाम का नकाब ओढ़कर स्कूलों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश में जुटा है।