उन्होंने बताया कि आज यानी की बुधवार सुबह सूत्रों से सूचना मिली की यह आतंकी सोपोर में छिपा हुआ है। इसको देखते हुए सेना के जवानों द्वारा इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया। ऑपरेशन की भनक लगते ही आतंकी ने जवानों पर फायरिंग शुरू कर दी। इतना ही नहीं आतंकी आसिफ ने ऑपरेशन में लगी टीम पर ग्रेनेड फेंका जिससे 2 पुलिसकर्मी घायल हो गए। उनको उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
डीजीपी ने बताया कि जम्मू के सभी 10 जिलों में हालात पूरी तरह से सामान्य हो गए हैं। सभी स्कूल, कॉलेज और कार्यालय खुले हैं। लेह और कारगिल में भी हालात सामान्य हैं। वहां किसी भी तरह का कोई प्रतिबंध नहीं है। कहा कि 90 फीसदी से अधिक क्षेत्र प्रतिबंधों से मुक्त हैं, साथ ही सौ फीसदी टेलीफोन एक्सचेंज काम कर रहे हैं।
घाटी में 230 पाकिस्तानी आतंकियों के साथ ही 450 से अधिक आतंकियों की मौजूदगी की सूचना है। उत्तरी कश्मीर में ज्यादातर पाकिस्तानी आतंकियों की मौजूदगी है। दक्षिणी कश्मीर में भी लश्कर ए तैयबा तथा जैश ए मोहम्मद की कमान पाकिस्तानी आतंकियों के हाथ है। हिजबुल से जुड़े आतंकी अधिक संख्या में दक्षिणी कश्मीर में सक्रिय हैं जिनमें ज्यादातर स्थानीय हैं।
जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त किए जाने के बाद सुरक्षा बलों की ओर से बनाए गए दबाव के चलते ज्यादातर आतंकियों ने पहाड़ों पर सुरक्षित स्थानों पर पनाह ले ली है। अब इन दहशतगर्दों को घेरने के लिए सुरक्षा बलों की ओर से पहाड़ों पर घेराबंदी और तलाशी अभियान (कासो) चलाने की तैयारी है।
डीजीपी दिलबाग सिंह ने बताया कि त्राल में दो गुज्जरों की हत्या के बाद अब पहाड़ों पर आतंकियों को घेरने की योजना बनाई गई है। हकीकत पता चलने पर अब लोगों ने अपने घरों में इन्हें पनाह देना बंद कर दिया है। इस वजह से आतंकियों ने भागकर पहाड़ों पर सुरक्षित ठिकाना तलाश लिया है।