सरस्वती और वैष्णवी धाम की तरह बुधवार को जम्मू हाट में भी टोकन सिस्टम शुरू कर दिया गया। पहले दिन यहां पांच सौ से अधिक टोकन बांटे गए। अमरनाथ यात्रियों की भीड़ को देखते हुए यहां आज चार और काउंटर स्थापित किए जाएंगे।
सुबह से दोपहर तक लाइन में लगने के बावजूद यात्रियों को पंजीकरण पर्ची नहीं मिल रही है। ऐसे में उन्हें अगले दिन भी लाइन में लगना पड़ता है।
लाइन में लगे यात्रियों को उनके रूट के हिसाब से मेडिकल और अन्य फार्म पर विभाग की ओर से स्टैंप और नंबर लगाकर टोकन देने का काम शुरू किया गया। टोकन लेने के बाद यात्रियों को अगले दिन टोकन नंबर के हिसाब से पंजीकरण पर्ची दी जाएगी।
बुधवार को सुबह पंजीकरण पर्ची खत्म होने के बाद ही यात्रियों में टोकन बांटे गए ताकि व्यवस्था सुचारु रूप से चल सके। जम्मू हाट के पंजीकरण काउंटर में बालटाल रूट के लिए साढ़े पांच सौ और पहलगाम रूट के लिए साढ़े चार सौ तक का पंजीकरण किया गया था।
इस मौके पर डीसी सिमरनदीप सिंह ने जम्मू हाट परिसर और पंजीकरण काउंटर का दौरा कर पंजीकरण कार्य का निरीक्षण किया। डीसी ने काउंटर में ड्यूटी दे रहे कर्मचारियों और प्रशासन को कार्य को सुचारु रूप से चलाने के लिए निर्देश दिया।
पर्यटन विभाग की डिप्टी डायरेक्टर विनाक्षी कौल ने बताया कि भीड़ और लंबी लाइन से निपटने के लिए जम्मू हाट परिसर में चार नए काउंटर बनाए जाएंगे।
इन चार काउंटर में दो बालटाल और दो पहलगाम रूट के तहत महिला और पुरुषों के आधार पर बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि उनकी पूरी कोशिश है कि यात्रा में आने वाले यात्रियों को किसी भी समस्या का सामना न करना पड़े।