यह मांग उन्होंने रविवार को केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह से की। राज्य में हार्टिकल्चर विश्वविद्यालय खोलने के लिए भी विचार-विमर्श हुआ। मुख्यमंत्री ने कृषि मंत्री को जानकारी दी की राज्य में 40 हजार हेक्टेयर में लगे सेबों के पेड़ और 5 हजार हेक्टेयर भूमि पर लगाए गए अखरोट के बगीचों के पेड़ पुराने हो गए हैं, जिनके स्थान पर नए पेड़ लगाने की जरूरत है।
उनको बताया गया कि एक हजार हेक्टेयर भूमि को फिर से पैदावार के लिए तैयार करने के लिए 20 करोड़ रुपये की आवश्यकता है। सीएम ने बताया कि अभी इन पुराने बगीचों से प्रति हेक्टेयर 1.5 से 2 टन तक की पैदावार हासिल की जा रही है, लेकिन इनको पुन: नए तैयार कर देने से पैदावार बढ़ कर 5 से 11 टन प्रति हेक्टेयर हो जाएगी।
इसके लिए मुख्यमंत्री ने केंद्रीय कृषि मंत्री से वित्तीय सहायता की मांग की। इस दौरान राज्य में हार्टिकल्चर विश्वविद्यालय स्थपित करने पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय कृषि मंत्री को जानकारी दी कि राज्य में 3.55 लाख हेक्टेयर भूमि बाग-बगीचों के अधीन है, जिनमें 21 लाख टन फलों की पैदावार की जा रही है। केंद्रीय मंत्री ने इस काम में राज्य सरकार को पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया।