गृहमंत्री अमित शाह सोमवार देर शाम जम्मू पहुंचे। कड़ी सुरक्षा के बीच वह जम्मू के तकनीकी एयरपोर्ट से राजभवन पहुंचे। एयरपोर्ट से लेकर राजभवन तक करीब 500 सुरक्षाबलों की तैनाती रही। देर शाम के बाद शहर के पंजतीर्थि इलाके में बड़ी संख्या में अर्द्धसैनिक बल तैनात रहे। साथ ही रातभर राजभवन समेत इसके आसपास के इलाकों में ड्रोन से निगरानी की गई।
गृह मंत्री अमित शाह के स्वागत के लिए जम्मू शहर भाजपा के झंडों और पार्टी नेताओं के पोस्टर और बैनरों से पटा पड़ा है। जम्मू एयरपोर्ट से लेकर शाह के काफिले के रूट पर पोस्टर और बैनरों की भरमार है। इसमें सतवारी चौक, एशिया चौक, चौथा फ्लाई ओवर, कन्वेंशन सेंटर के आसपास का इलाका, तवी पुल, भाजपा कार्यालय के आसपास के क्षेत्र शामिल हैं। यहां स्वागती पोस्टर, बैनर सड़क किनारे लगा रखे हैं।
गृह मंत्री अमित शाह के काफिले के रूट वाले क्षेत्रों में प्रशासन ने आनन फानन में सड़कों पर पड़े गड्ढों को भरवा दिया है। वहीं नरवाल, शास्त्री नगर, संजय नगर, नानक नगर, पुराना शहर इलाके जहां से अमित शाह को नहीं गुजरना, वहां सड़कों पर गड्ढे नहीं भरे गए।
मिशन स्टेटहुड जम्मू के अध्यक्ष सुनील डिंपल का कहना है कि काश! अमित शाह हर माह जम्मू आएं। यहां पर कम से कम लोगों को सड़कें तो साफ सुथरी मिलेंगी। हालांकि शाह को पूरे जम्मू में घूमना चाहिए ताकि हर क्षेत्र की सड़क चकाचक रहे।
घाटी से स्थानांतरण की मांग को लेकर कश्मीरी पंडित कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन 125वें दिन में प्रवेश कर गया है। जम्मू आधारित रिजर्व श्रेणी के कर्मी आंबेडकर चौक जम्मू में शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे हैं। कर्मियों ने कहा कि वे गृहमंत्री अमित शाह का स्वागत करते हैं। उन्हें उम्मीद है कि शाह स्थानांतरण नीति के मामले में हस्तक्षेप करेंगे उप राज्यपाल प्रशासन लंबित मांग का समाधान करेगा।