आतंकवाद, नारको टेरर और ड्रोन चुनौतियों के खिलाफ तमाम सुरक्षा बल और सुरक्षा एजेंसियों को मिलकर लड़ना होगा। इसी उद्देश्य से सेना, सुरक्षा बल, गुप्तचर एजेंसियों और पुलिस के साथ सही तालमेल से आतंकी चुनौतियों से निपटा जाएगा। आगामी अमरनाथ यात्रा के लिए सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता होगी। यह बात विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के अफसरों के साथ सम्मेलन में राइजिंग स्टार कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल अनंत नारायणन ने कही। कार्यक्रम में गृह सचिव शालीन काबरा, पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह समेत कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
सुरक्षा बलों ने ड्रोन चुनौती को विफल करने के लिए जवाबी रणनीति बनाने पर सहमति जताई। इसके अलावा ड्रोन चुनौती का मुकाबला करने के लिए ड्रोन खरीदने पर फैसला लिया गया। यह सुनिश्चित किया गया कि जम्मू क्षेत्र में नियंत्रण रेखा या अंतरराष्ट्रीय सीमा पर ड्रोन के माध्यम से सीमा पार से कोई भी हथियार और ड्रग्स न गिराने दिए जाएं।
परिसीमन मसौदे पर असंतोष से उपजे हालात पर भी चर्चा
सुरक्षा को लेकर उच्च स्तरीय सम्मेलन में परिसीमन आयोग के हालिया मसौदे को लेकर असंतोष पर भी चर्चा की गई। सूत्रों ने बताया कि राजोरी-पुंछ इलाकों का अनंतनाग संसदीय क्षेत्र में विलय समेत कई अन्य क्षेत्रों में फेरबदल पर सामने आ रहीं प्रतिक्रियाओं पर सुरक्षा दृष्टि से कड़ी नजर रखी जाएगी। कार्यक्रम में कहा गया कि जम्मू-कश्मीर की सरहदों से लेकर भीतर इलाकों में अमन बनाए रखेन के लिए सुरक्षा अमला और अलर्ट किया जाएगा।